
लातेहार: झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। लातेहार पुलिस ने सीआरपीएफ और कोबरा-209 बटालियन के साथ संयुक्त अभियान चलाकर 20 लाख रुपए के इनामी हार्डकोर माओवादी रविन्द्र गंझू को गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, रविन्द्र गंझू लंबे समय से लेवी वसूली, विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने और सुरक्षा बलों पर हमलों जैसी कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि रविन्द्र गंझू अपने दस्ते के साथ बेतर ओपी क्षेत्र के हेसला बांझी टोला, रंगुनिया और कुडू इलाके में सक्रिय है। सूचना के आधार पर 12 जुलाई 2026 को स्पेशल ऑप्स-कांति के तहत लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा-209 ने संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान बांझी टोला के समीप जंगल से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। छापेमारी के दौरान उसके कब्जे से एक AK-56 राइफल, दो मैगजीन, 180 जिंदा कारतूस, एक 7.65 एमएम ऑटोमेटिक पिस्टल, दो मैगजीन, 12 कारतूस, एक देशी सिंगल बैरल राइफल, 5.56 एमएम के 21 कारतूस, .303 बोर के 16 कारतूस तथा एक काला पाउच बरामद किया गया। एसपी कुमार गौरव ने कहा कि रविन्द्र गंझू की गिरफ्तारी माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है और इससे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
गिरफ्तार रविन्द्र गंझू (43) चंदवा प्रखंड के हेसला बांझी टोला का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार वह पिछले करीब 30 वर्षों से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था और लातेहार, लोहरदगा तथा गुमला जिले में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2011 के कोने स्कूल हमले, 2012 के घाघू ब्लास्ट, 2013 में कटिया जंगल में 11 जवानों की शहादत, 2019 में लुकईया मोड़ पर पीसीआर वैन पर हमले और 2021 में रेलवे ट्रैक विस्फोट समेत कई बड़ी नक्सली वारदातों में शामिल रहा है।