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भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वित्त वर्ष 2026 में इतिहास रच दिया है। 31 मार्च को खत्म हुए इस साल में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियां बिकीं कि नया रिकॉर्ड बन गया। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल 2,96,71,064 वाहनों की बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 13.30% ज्यादा है। ये आंकड़े Federation of Automobile Dealers Associations (FADA) की रिपोर्ट में सामने आए हैं।

GST 2.0 बना गेमचेंजर, कीमतें हुईं कम

इस रिकॉर्ड बिक्री के पीछे सबसे बड़ा कारण GST 2.0 का लागू होना रहा।

गाड़ियों की कीमतों में गिरावट आई

ग्राहकों के लिए खरीदना आसान हुआ

बाजार में डिमांड तेजी से बढ़ी

वित्त वर्ष को अगर दो हिस्सों में बांटें, तो:

अप्रैल से अगस्त: बिक्री धीमी रहीसि

तंबर से मार्च: जबरदस्त उछाल देखने को मिला

दूसरे हिस्से में फेस्टिव सीजन और कंपनियों के डिस्काउंट ने भी बिक्री को बढ़ावा दिया।

दोपहिया और चार पहिया दोनों में तेजी

वित्त वर्ष 2026 में सभी सेगमेंट्स में शानदार ग्रोथ देखने को मिली:दोपहिया वाहन: 2.14 करोड़ यूनिट (13.40% बढ़ोतरी)

चार पहिया वाहन: 47.1 लाख यूनिट (13% ग्रोथ)

यानी हर वर्ग के लोगों ने जमकर गाड़ियां खरीदीं।

ट्रैक्टर बिक्री में सबसे ज्यादा उछाल

इस साल सबसे ज्यादा ग्रोथ ट्रैक्टर सेगमेंट में रही:

कुल बिक्री: 10.5 लाख यूनिट

ग्रोथ: 18.95%

यह दर्शाता है कि ग्रामीण इलाकों में भी खरीदारी की रफ्तार तेज हुई है।

कमर्शियल वाहनों का भी अच्छा प्रदर्शन

कमर्शियल वाहनों की बिक्री भी बढ़कर 10.6 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले साल से 11.74% ज्यादा है। हालांकि, कंस्ट्रक्शन से जुड़े वाहनों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। Car Sale

FADA के अध्यक्ष सीएस विग्नेश्वर के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में मजबूत मांग रही नए मॉडल्स और कीमतों में कटौती ने बिक्री को बढ़ाया

यह आंकड़े बताते हैं कि:

मिडिल क्लास की खरीदारी क्षमता बढ़ रही है

सस्ती कीमत और ऑफर्स से बाजार में तेजी आई है

आने वाले समय में ऑटो सेक्टर और मजबूत हो सकता है

 

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