झारखंड में प्रकृति पूजा का महापर्व सरहुल धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री भी पारंपरिक पूजा में शामिल हुए। राजधानी रांची के सिरमटोली स्थित सरना स्थल पर आयोजित सरहुल पूजा में हेमंत सोरेन अपने पूरे परिवार के साथ शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और झारखंड राज्य के सर्वांगीण विकास, सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।
सरहुल पर्व आदिवासी समाज की आस्था, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस दौरान सरना स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे माहौल में पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिली। सरहुल का यह पावन पर्व न केवल प्रकृति से जुड़ाव का संदेश देता है, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता को भी मजबूत करता है।
रिपोर्ट: बिनोद केसरी, जमशेदपुर
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