
जमशेदपुर : जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में इलाज के बाद एक मृतक का शव रोकने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 2 लाख रुपये बकाया रहने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से इनकार कर दिया। बाद में भाजपा नेता विमल बैठा के हस्तक्षेप के बाद बकाया राशि माफ की गई, तब जाकर परिजनों को शव सौंपा गया। मामला जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के लूआबसा का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, लूआबसा निवासी जुरू गोप पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और टीएमएच में उनका इलाज चल रहा था। लगातार पांच दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद उनकी मौत हो गई। लेकिन मौत के बाद भी परिवार की परेशानी कम नहीं हुई। मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि इलाज में पहले ही साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके थे, जबकि करीब 2 लाख रुपये का बिल अब भी बकाया था। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक बकाया राशि जमा नहीं की जाएगी, तब तक शव नहीं सौंपा जाएगा। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के सामने अंतिम संस्कार तक का संकट खड़ा हो गया। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय भाजपा नेता विमल बैठा से मदद की अपील की। सूचना मिलते ही विमल बैठा टीएमएच पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन से बातचीत की। उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मानवता के आधार पर बकाया राशि माफ करने की मांग की। विमल बैठा के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मानवीय आधार पर करीब 2 लाख रुपये का बकाया बिल माफ कर दिया। इसके बाद जुरू गोप का शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव को लूआबसा लाया गया, जहां गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं मृतक के परिजनों ने विमल बैठा का आभार जताते हुए कहा कि समय पर मदद नहीं मिलती तो अंतिम संस्कार कर पाना भी मुश्किल हो जाता।