
जमशेदपुर: साकची स्थित बिरसा चौक पर शुक्रवार को समस्त आदिवासी समाज की ओर से जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह , झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन , अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी का पुतला दहन करते हुए जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि 24 मई को दिल्ली में आयोजित जनजाति संस्कृति समागम कार्यक्रम में आदिवासियों को “हिन्दू” और “वनवासी” कहे जाने से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। आदिवासी समाज के लोगों ने कहा कि उनकी अपनी अलग संस्कृति, परंपरा और धार्मिक पहचान है, जिसे किसी भी कीमत पर मिटाने नहीं दिया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान “हम आदिवासी हैं, वनवासी नहीं” और “सरना धर्म कोड लागू करो” जैसे नारे लगाए गए। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरना धर्म कोड आदिवासी अस्मिता और पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसे लागू कराने की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।