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रिपोर्ट : विनोद केशरी, जमशेदपुर

जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर में आज लोगों ने एकजुट होकर ऐतिहासिक चवदार तालाब सत्याग्रह की याद में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को याद करते हुए सामाजिक समानता और न्याय पर जोर दिया।

20 मार्च 1927 को महाराष्ट्र के महाड़ में डॉ. अंबेडकर के नेतृत्व में चवदार तालाब सत्याग्रह किया गया था। यह आंदोलन केवल पानी पीने के अधिकार तक सीमित नहीं था, बल्कि उस सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ था, जिसमें दलितों को बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जाता था।

धरने में शामिल लोगों ने कहा कि अंबेडकर का यह संघर्ष आज भी प्रासंगिक है, क्योंकि समाज के कई हिस्सों में अब भी जाति और भेदभाव की समस्या मौजूद है। उन्होंने लोगों से सामाजिक सोच में बदलाव लाने और समानता के मूल्यों को अपनाने की अपील की।

इस मौके पर लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि वे समाज में बराबरी और न्याय के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

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