
जमशेदपुर: सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। मंगलवार को चैंबर के प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर वन प्रमंडल की डीएफओ से मुलाकात कर वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की। बैठक के दौरान डीएफओ ने बताया कि प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए 99.256 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित सभी लंबित बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। अब आगे की प्रक्रिया राज्य वन विभाग और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के स्तर पर पूरी की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वन प्रमंडल की ओर से परियोजना में किसी प्रकार की देरी नहीं होने दी जाएगी।
चैंबर ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण पहले ही केंद्रीय मंत्रालय द्वारा उठाए गए अधिकांश सवालों का जवाब दे चुका है और आवश्यक दस्तावेज, मानचित्र तथा केएमएल फाइलें PARIVESH पोर्टल पर अपलोड कर चुका है। हालांकि हाथी गलियारों, मानव-हाथी संघर्ष के आंकड़ों, वन्यजीवों की उपस्थिति और अन्य पर्यावरणीय पहलुओं से संबंधित कुछ जानकारियां राज्य वन विभाग के स्तर से उपलब्ध कराई जानी थीं।
SCCI अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि पूरे सिंहभूम और झारखंड के आर्थिक विकास की आधारशिला है। बेहतर हवाई संपर्क से उद्योग, व्यापार, निवेश, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सोनारी एयरोड्रम की सीमित क्षमता को देखते हुए आधुनिक व्यावसायिक विमानन के लिए नए एयरपोर्ट का निर्माण बेहद जरूरी है। चैंबर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी अनुरोध किया है कि राज्य स्तर पर इस परियोजना की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि वन स्वीकृति की प्रक्रिया जल्द पूरी हो और एयरपोर्ट परियोजना को शीघ्र मंजूरी मिल सके। चैंबर ने वन विभाग, जिला प्रशासन और AAI के सहयोग की सराहना करते हुए परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन का भरोसा जताया।