
नई दिल्ली : गुजरात के मोरबी जिले से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि इंसानियत, दोस्ती और त्याग की ऐसी कहानी है, जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जाएंगी। एक घायल युवक की जान बचाने के लिए रात के अंधेरे में अस्पताल की ओर दौड़े पांच युवकों को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। तेज रफ्तार डंपर से हुई भीषण टक्कर में पांच युवकों की जान चली गई, जबकि दो अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मोरबी-हलवद हाईवे पर चरड़वा गांव के पास शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे यह भयावह हादसा हुआ। राणछोड़गढ़ गांव निवासी 24 वर्षीय परेश देहैया बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल युवक को समय पर इलाज दिलाने के लिए गांव के कुछ युवा उसे कार से अस्पताल ले जा रहे थे। सभी की एक ही कोशिश थी कि किसी तरह दोस्त की जान बच जाए।
दोस्त की जिंदगी बचाने निकले थे, अपनी जान गंवा बैठे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार जैसे ही चरड़वा गांव के पास एक पेट्रोल पंप के निकट पहुंची, तभी एक फैक्ट्री से निकला तेज रफ्तार डंपर अचानक सड़क पर मुड़ गया। अस्पताल पहुंचने की जल्दी में कार चालक ने वाहन बचाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही सेकंड में सब कुछ खत्म हो गया। डंपर और कार की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह डंपर के नीचे जा फंसी।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार में बैठे युवक लोहे की चादरों और मलबे के बीच फंस गए। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो मंजर देखकर सन्न रह गए। कई लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
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JCB से काटनी पड़ी कार, तब निकाले गए शव
स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। कार इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी कि उसमें फंसे लोगों को निकालना आसान नहीं था। इसके बाद JCB मशीन और अन्य उपकरणों की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद कार की बॉडी काटकर लोगों को बाहर निकाला गया। इस हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दो घायल युवकों का इलाज मोरबी और राजकोट के अस्पतालों में चल रहा है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
एक साथ बुझ गए पांच घरों के चिराग
सबसे दर्दनाक बात यह है कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी युवक राणछोड़गढ़ गांव के रहने वाले थे। मृतकों में 45 वर्षीय सुरेश सिहोरा, 28 वर्षीय वीरम देहैया, 24 वर्षीय परेश देहैया, प्रेमजी देहैया और भरत देहैया शामिल हैं। वहीं प्रकाश देहैया और दिलीप देहैया गंभीर रूप से घायल हैं। जैसे ही हादसे की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। जिन परिवारों के बेटे किसी की जिंदगी बचाने निकले थे, उनके घरों में मातम छा गया। गांव की गलियां रोते-बिलखते परिजनों और स्तब्ध ग्रामीणों से भर गईं। कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला। हादसे की सूचना मिलते ही हलवद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डंपर चालक की भूमिका और हादसे के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। एक घायल युवक की जिंदगी बचाने के लिए निकले पांच युवकों की मौत ने पूरे गुजरात ही नहीं, बल्कि देशभर के लोगों को भावुक कर दिया है। यह हादसा याद दिलाता है कि इंसानियत के लिए आगे बढ़ने वाले कई बार अपनी जान की भी परवाह नहीं करते। लेकिन इस बार मदद का यह सफर पांच परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।