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जिले में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के उल्लंघन को लेकर माझी परगना महाल ने जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को मांग पत्र सौंपते हुए विभिन्न ग्राम सभाओं में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया। माझी परगना महाल के पदाधिकारियों ने कहा कि पारंपरिक राजस्व ग्राम सभा की बैठक माझी बाबा या मुंडा बाबा की अध्यक्षता में ही आयोजित की जानी चाहिए। लेकिन कई गांवों में गैर जनजातीय लोगों द्वारा ग्राम सभा की अध्यक्षता की जा रही है, जो पारंपरिक व्यवस्था और आदिवासी रीति-रिवाजों के खिलाफ है। संगठन ने प्रशासन से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप करते हुए नियमों के अनुसार ग्राम सभाओं का संचालन सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने कहा कि आदिवासी समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही माझी परगना महाल ने आदिवासी समुदाय से आगामी जनगणना में धर्म के कॉलम में “सरना धर्म” दर्ज कराने की अपील की। संगठन का कहना है कि इससे आदिवासी समाज की अलग धार्मिक पहचान को मजबूती मिलेगी।

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