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जमशेदपुर: कोल्हान में हाथियों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम जिले में हाथियों के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर चांडिल में एक बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर चाकुलिया में एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घटनाओं के बाद प्रभावित गांवों में दहशत का माहौल है।
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र स्थित लावा कुटाम पंचायत के वनडीह टोला में गुरुवार देर रात एक जंगली हाथी आबादी वाले क्षेत्र में घुस आया। ग्रामीणों के अनुसार हाथी ने गांव में पहुंचते ही कई घरों के आसपास उत्पात मचाना शुरू कर दिया। इसी दौरान चम्पा मुंडा अपने घर में सो रही थीं। हाथी ने उनके घर को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के सदस्य किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन चम्पा मुंडा हाथी की चपेट में आ गईं। हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

इधर, पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड के इंदबनी गांव के समीप शुक्रवार सुबह एक अन्य घटना में काबुल मुंडा (60) हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि वह पैदल किसी काम से जा रहे थे, तभी रास्ते में एक हाथी से उनका सामना हो गया। हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें पटक दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने किसी तरह घायल बुजुर्ग को बचाया। वन विभाग की टीम ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए झाड़ग्राम रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इंदबनी जंगल में तीन हाथियों का झुंड कई दिनों से डेरा डाले हुए है। लगातार हो रही घटनाओं से लोग भयभीत हैं और वन विभाग से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने की मांग कर रहे हैं।

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