
देवघर: विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत 29 जुलाई से होने जा रही है। बाबा बैद्यनाथ धाम में देशभर से आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर देवघर जिला प्रशासन ने खाद्य सामग्री, पेड़ा-चूड़ा, इलायचीदाना और होटल के कमरों की दरें निर्धारित कर दी हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने वाले दुकानदारों और होटल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर होटल, भोजनालय और प्रसाद दुकानों के लिए दर और गुणवत्ता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को उचित कीमत पर स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं प्रसाद उपलब्ध कराना है।
पेड़ा-चूड़ा और इलायचीदाना के रेट तय
श्रावणी मेले में बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण के बाद श्रद्धालु बड़ी संख्या में पेड़ा, चूड़ा और इलायचीदाना प्रसाद के रूप में खरीदते हैं। प्रशासन ने इनकी अधिकतम दर तय कर दी है। 800 ग्राम खोवा और 200 ग्राम चीनी वाले पेड़े की कीमत 440 रुपये, जबकि 700 ग्राम खोवा और 300 ग्राम चीनी वाले पेड़े की कीमत 400 रुपये निर्धारित की गई है।
वहीं रायपुर चूड़ा 80 रुपये प्रति किलो, वर्द्धमान चूड़ा 70 रुपये प्रति किलो, लोकल चूड़ा 42 रुपये प्रति किलो और इलायचीदाना 80 रुपये प्रति किलो की दर से निर्धारित किया गया है। तय दर से अधिक वसूली की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
होटल और भोजनालयों के लिए भी अधिकतम दर निर्धारित
श्रावणी मेले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन के नाम पर अधिक कीमत न चुकानी पड़े, इसके लिए भोजन सामग्री की अधिकतम दर भी तय की गई है। मारवाड़ी बासा में भरपेट भोजन 90 रुपये, चावल की एक प्लेट 80 रुपये, आलू-परवल स्पेशल 90 रुपये, मटर पनीर 180 रुपये, आलू-गोभी 130 रुपये, पालक पनीर 160 रुपये और पनीर बटर मसाला 170 रुपये निर्धारित किया गया है। साधारण रोटी 7 रुपये, घी लगी रोटी 12 रुपये, तंदूरी रोटी 15 रुपये और घी लगी तंदूरी रोटी 20 रुपये प्रति पीस होगी। दाल प्लेन 60 रुपये और दाल फ्राई 100 रुपये प्रति प्लेट की अधिकतम दर तय की गई है।
होटलों में रेट चार्ट लगाना अनिवार्य
श्रावणी मेला के दौरान होटल संचालकों को कमरों की दर तालिका प्रमुख और आसानी से दिखाई देने वाली जगह पर प्रदर्शित करनी होगी। प्रशासन ने होटल मालिकों को साफ-सफाई, पेयजल, पानी निकासी, बिजली के तार और स्विच बोर्ड की जांच तथा अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए होटल के मुख्य प्रवेश द्वार और महत्वपूर्ण स्थानों पर CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। होटल में ठहरने वाले यात्रियों का ID proof और मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा। साथ ही वाहन से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए होटल संचालकों को पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी और सड़क या नो-एंट्री जोन में अवैध पार्किंग रोकने का निर्देश दिया गया है।
बिना लाइसेंस अस्थायी होटल खोलने पर होगी कार्रवाई
श्रावणी मेले में बाहर से आकर अस्थायी होटल या भोजनालय चलाने वालों के लिए Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य किया गया है। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थायी दुकानदारों को भी अपने लाइसेंस का नवीकरण कर उसे दुकान में प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। व्यवसायिक गैस सिलेंडर, अग्निशामक यंत्र, डस्टबिन और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा। खाद्य सामग्री खरीदने का कैश मेमो भी दुकानदारों को सुरक्षित रखना होगा। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं की जाए।
जिला प्रशासन ने होटल संचालकों से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। वहीं बिजली विभाग को श्रावणी मेला अवधि में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी और जांच अभियान चलाया जाएगा।