



जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के सुदूर पोटका प्रखंड स्थित हरिना क्षेत्र अब धार्मिक आस्था और पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। सदियों पुराने मुकतेश्वर धाम हरिना मंदिर को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है, वहीं मंदिर परिसर के समीप विकसित बायो डाइवर्सिटी पार्क प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक सुविधाओं के कारण लोगों को आकर्षित कर रहा है। झारखंड सरकार और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से पूरे क्षेत्र को धार्मिक और पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
घने जंगलों और प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित मुकतेश्वर धाम हरिना मंदिर वर्षों से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। मान्यता है कि यहां पाताल शिव स्वयं प्रकट हुए थे, जिसके कारण इस मंदिर का धार्मिक महत्व काफी अधिक माना जाता है। अब मंदिर परिसर का तेजी से सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। मुख्य मंदिर के साथ विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिससे पूरा परिसर और अधिक आकर्षक बनता जा रहा है।
मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार यहां झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल और ओड़िशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उनका कहना है कि मंदिर के नए स्वरूप के बाद आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।
मंदिर परिसर के समीप तैयार किया गया बायो डाइवर्सिटी पार्क भी लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है। हरियाली और प्राकृतिक वातावरण से भरपूर इस पार्क में बच्चों के लिए झूले, आकर्षक सेल्फी पॉइंट और घूमने के लिए सुंदर स्थल बनाए गए हैं। छुट्टियों और वीकेंड पर यहां लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है।
इतना ही नहीं, आने वाले समय में यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्य भी किए जाएंगे। योजना के तहत पर्यटकों के ठहरने के लिए कॉटेज, ट्री हाउस, रेस्टोरेंट और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि लोगों को एक ही स्थान पर धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का अनुभव मिल सके।
फिलहाल मुकतेश्वर धाम और बायो डाइवर्सिटी पार्क आस्था, प्रकृति और पर्यटन का ऐसा संगम बनकर उभर रहा है, जो आने वाले समय में हरिना को झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल कर सकता है।

