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जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में ब्रेन मलेरिया का संक्रमण लगातार गंभीर होता जा रहा है। सबसे अधिक प्रभावित पोटका प्रखंड में अब हालात चिंताजनक बन चुके हैं। कंदर गांव में 6 दिनों के भीतर दो सगी बहनों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है और प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पोटका प्रखंड की हरिणा पंचायत अंतर्गत कंदर गांव निवासी महावीर सरदार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी आठ वर्षीय बेटी सुबोला सरदार की कुछ दिन पहले ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई थी। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि सोमवार सुबह इलाज के दौरान उनकी एक वर्षीय बेटी खुशबू सरदार ने भी एमजीएम अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिवार की तीसरी बेटी भी ब्रेन मलेरिया से संक्रमित है और उसका इलाज जारी है।

स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी
जिले में ब्रेन मलेरिया से एक और मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में विशेष मेडिकल कैंप लगाए हैं और घर-घर सर्वे कराया जा रहा है। सभी संक्रमितों को दवा उपलब्ध कराई गई है तथा गंभीर मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग लोगों से मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने और बुखार होने पर तुरंत जांच कराने की अपील कर रहा है। पूर्वी सिंहभूम के अन्य इलाकों में भी संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। पोटका के अलावा गुड़ाबांधा, परसुडीह, राजनगर और चांडिल में भी मरीज मिले हैं। हालांकि सबसे अधिक प्रभावित पोटका ही है, जहां संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह क्षेत्र जिले का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गया है। मंगलवार को जिले में ब्रेन मलेरिया के 51 नए मरीज मिले।

 

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