
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के 23वें दिन रविवार को छात्रों ने रांची में प्रदर्शन किया। रांची में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया।
लगातार 22 दिनों तक शांतिपूर्ण आंदोलन के बाद छात्रों ने अब आंदोलन को और उग्र करने का ऐलान किया है। छात्रों ने झारखंड सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे, नहीं हुई वार्ता
रविवार को भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का हाल जानने के लिए एसडीओ और एडीएम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों की स्थिति की जानकारी ली, लेकिन सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच किसी तरह की औपचारिक वार्ता नहीं हो सकी। छात्रों का आरोप है कि सरकार अब तक उनकी मांगों को लेकर गंभीर बातचीत के लिए आगे नहीं आई है।
इस्तीफे की मांग तक पहुंचा आंदोलन
आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। छात्रों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने कहा कि अब वे आंदोलन को भगत सिंह के संघर्ष और तेवर की राह पर आगे बढ़ाएंगे। वहीं, लंबे समय से अनशन कर रहे छात्रों की हालत लगातार बिगड़ने की बात सामने आ रही है। अनशनकारी छात्र प्रेम नायक ने भावुक होकर सरकार से सवाल किया कि क्या छात्रों की आवाज सुनने के लिए उनके मरने का इंतजार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके शरीर में अब ज्यादा ताकत नहीं बची है, इसके बावजूद वे अनशन समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं।
इससे पहले 15 अगस्त को रांची के अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के साथ कथित धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना भी सामने आई थी। इन घटनाओं के बाद छात्रों में सरकार के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है। अब सभी की नजर 18 अगस्त तक सरकार की प्रतिक्रिया और 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव पर है।