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जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक और युगांतरकारी कदम बताया है।
जमशेदपुर परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को ‘नीति की लाभार्थी’ से ‘नीति निर्माता’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जानकारी दी कि सितंबर 2023 में पारित इस संवैधानिक संशोधन के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिसमें एससी और एसटी वर्ग की सीटें भी शामिल हैं।
विधायक ने कहा कि महिलाओं का राजनीतिक सशक्तिकरण केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व में आती हैं, तो समाज के हर वर्ग को उसका लाभ मिलता है और समावेशी विकास को गति मिलती है।
अंत में पूर्णिमा साहू ने कहा कि यह अधिनियम सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण की आधारशिला है, जो महिलाओं को नीति निर्धारण और देश के भविष्य को आकार देने में सशक्त बनाएगा।
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