
सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस की लगातार कार्रवाई और नक्सली संगठन पर बढ़ते दबाव के बीच प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन की सक्रिय सदस्य अनीता कायम उर्फ नुनी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अनीता को नक्सली मदन महतो की गिरफ्तारी के बाद उसके दस्ते से जुड़ी महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में देखा जा रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अनीता कांड्रा थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में पुलिस अभियान के दौरान नक्सलियों की मौजूदगी के समय दस्ते के साथ थी। अभियान के दौरान पुलिस ने कई नक्सलियों को घेरा था। इसी दौरान अनीता पुलिस की घेराबंदी तोड़कर भाग निकलने में सफल रही थी।
असीम मंडल के संपर्क में पहुंची थी अनीता
बताया जाता है कि मदन महतो की गिरफ्तारी के बाद अनीता नक्सली संगठन के एक करोड़ रुपये के इनामी सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश के संपर्क में पहुंची थी। वह करीब एक-दो दिनों तक उसके दस्ते के साथ रही। हालांकि, बाद में उसने नक्सली संगठन से दूरी बनाने का फैसला किया और वहां से निकल गई।
दस्ता छोड़ने के बाद अनीता ने अपने परिजनों से संपर्क किया। परिजनों के माध्यम से पुलिस से संपर्क स्थापित हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उसे मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। रविवार दोपहर करीब तीन बजे अनीता ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
कांड्रा में पुलिस अभियान के दौरान भागी थी
पुलिस को कांड्रा थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में नक्सलियों के ठहरने की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान रवि सिंह सरदार उर्फ सागर सिंह सरदार को एके-47 के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं, भाकपा माओवादी के रीजनल कमेटी सदस्य मदन महतो उर्फ चरण उर्फ शंकर महतो और सब-जोनल कमेटी सदस्य मीना पहाड़िया को भी पकड़ा गया था।
इसी अभियान के दौरान अनीता समेत कुछ अन्य नक्सली पुलिस की घेराबंदी से निकलने में कामयाब रहे थे। जानकारी के अनुसार, अनीता मंगल सिंह सरदार उर्फ मंगल पांडेय और मालती मुर्मू के साथ फरार हुई थी। अनीता के खिलाफ कांड्रा थाने में मामला भी दर्ज किया गया था।
पुलिस अब अनीता से पूछताछ कर नक्सली संगठन, उसके दस्ते की गतिविधियों और अन्य सदस्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में लगी है। माना जा रहा है कि उसके आत्मसमर्पण से क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क के बारे में पुलिस को कई अहम सुराग मिल सकते हैं।