
– नए आरओबी से आवागमन शुरू, लेकिन तंकोचा-वातकमकोचा के रास्ते बंद
विजय गोप,सरायकेला
जमशेदपुर-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने नए आरओबी से यात्री वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को सुविधा मिली है। लेकिन दूसरी तरफ चांडिल गोलचक्कर का पुराना मार्ग अचानक बंद कर दिए जाने से स्थानीय ग्रामीणों, वाहन चालकों और दुकानदारों में भारी नाराजगी है। सड़क पर मिट्टी डालकर बैरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रास्ता बंद करने से पहले न तो कोई सूचना दी गई और न ही कोई स्पष्ट साइन बोर्ड लगाया गया। रात में रिफ्लेक्टर न होने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
आदिवासी गांवों की मुश्किलें बढ़ीं
पुराने मार्ग के बंद होने से नीमडीह प्रखंड के तंकोचा और वातकमकोचा जैसे आदिवासी बहुल गांवों के सैकड़ों लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। ये ग्रामीण रोजाना चांडिल अनुमंडल, प्रखंड और स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते थे। अब बाइक और साइकिल से आना-जाना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का सवाल है कि बिना अनुमति और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के रास्ते को कैसे ब्लॉक कर दिया गया। दुकानदारों के सामने रोजगार का संकट, पुराना मार्ग बंद होने से चांडिल गोलचक्कर पर सन्नाटा पसर गया है। यहां छोटी-बड़ी एक दर्जन से अधिक दुकानें हैं जो वाहनों और यात्रियों पर निर्भर थीं। आवागमन ठप होने से ग्राहकों की संख्या घट गई है। दुकानदारों का कहना है कि अगर यह मार्ग स्थायी रूप से बंद रहा तो उनके सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो जाएगा।
यात्रियों को भी हो रही परेशानी
चांडिल गोलचक्कर पहले बस स्टैंड की तरह था। यहां से जमशेदपुर और रांची जाने वाली बसें आसानी से मिल जाती थीं। अब यात्रियों को बस पकड़ने के लिए भटकना पड़ रहा है। न बस स्टैंड बना है और न ही यात्री शेड की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन से मांग
स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने प्रशासन और NHAI से मांग की है कि पुराने मार्ग पर यात्री बसों और ऑटो का परिचालन पुनः शुरू किया जाए और ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाए।हालांकि नए आरओबी से लंबी दूरी के वाहन चालकों को राहत मिली है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कनेक्टिविटी बाधित होने से आम जनता परेशान है।

