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नई दिल्ली: कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए दोनों के रिश्तों को लेकर बड़ा संदेश दिया है। तस्वीर में दोनों नेता गंभीर मुद्रा में नजर आ रहे हैं, लेकिन ट्रंप ने कहा कि तस्वीर चाहे जैसी दिखे, किम के साथ उनके संबंध अच्छे और पहले से मजबूत हैं।

पुरानी तस्वीर के साथ ट्रंप का खास संदेश

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किम जोंग उन के साथ तस्वीर साझा की। उन्होंने संकेत दिया कि फोटो देखकर दोनों के बीच तनाव का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन असलियत इससे अलग है। ट्रंप के मुताबिक, उत्तर कोरियाई नेता के साथ उनका व्यक्तिगत रिश्ता मजबूत रहा है।
ट्रंप की यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सैन्य गतिविधियों को लेकर उत्तर कोरिया लगातार नाराजगी जाहिर कर रहा है। ऐसे में किम के साथ दोस्ती का जिक्र नई कूटनीतिक अटकलों को हवा दे रहा है।

सैन्य अभ्यास से फिर बढ़ा तनाव

अमेरिका और दक्षिण कोरिया 17 से 27 अगस्त तक अपना वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास करने वाले हैं। उत्तर कोरिया लंबे समय से इस तरह के अभ्यासों का विरोध करता आया है और इन्हें अपने खिलाफ सैन्य तैयारी के तौर पर देखता है।
इस बार भी उत्तर कोरिया ने कड़ा रुख अपनाया है। वहां के अधिकारियों ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि सुरक्षा खतरा बढ़ने पर प्योंगयांग जवाबी कदम उठा सकता है।

मिसाइल परीक्षण ने बढ़ाई चिंता

क्षेत्र में तनाव केवल बयानों तक सीमित नहीं है। उत्तर कोरिया ने हाल में पूर्वी सागर की दिशा में एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक सप्ताह के भीतर यह उसका दूसरा मिसाइल परीक्षण था। दक्षिण कोरियाई सेना ने इसे बैलिस्टिक मिसाइल बताया, जबकि अमेरिकी प्रशासन ने भी घटना को मिसाइल लॉन्च के रूप में दर्ज किया। लगातार परीक्षणों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

दोस्ती का संदेश या कूटनीतिक संकेत?

एक तरफ अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ सैन्य अभ्यास कर रहा है और दूसरी ओर ट्रंप किम जोंग उन के साथ अपने पुराने रिश्तों को याद कर रहे हैं। इसी वजह से उनकी पोस्ट को सिर्फ पुरानी दोस्ती की याद के बजाय एक संभावित कूटनीतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या ट्रंप और किम के बीच पुराना संवाद भविष्य में फिर किसी नई बातचीत का रास्ता खोलता है, या बढ़ता सैन्य तनाव दोनों देशों के रिश्तों को एक बार फिर मुश्किल दौर में ले जाएगा।

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