
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला योजना, ग्रामीण विकास, डीएमएफटी, नीति आयोग तथा सांसद-विधायक निधि (एमपी-एमएलए लैड) से संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए उपायुक्त ने सभी कार्यपालक अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। बैठक में जिला योजना एवं ग्रामीण विकास शाखा के अंतर्गत संचालित पुल-पुलिया, पीसीसी सड़क, ग्रामीण सड़क, पहुंच पथ, कल्वर्ट, सामुदायिक भवन, पेयजल एवं जलापूर्ति योजनाएं, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, रसोईघर, आंगनबाड़ी केंद्र भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्रों की आधारभूत संरचना तथा खेल मैदान विकास जैसी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने धीमी गति से चल रही योजनाओं के लिए विभागवार कार्ययोजना बनाकर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
डीएमएफटी मद से संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान आंगनबाड़ी भवन निर्माण, पेयजल सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने भूमि विवाद अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से लंबित योजनाओं का शीघ्र समाधान कर कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक विकास योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए। नीति आयोग के सहयोग से संचालित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, जनजातीय क्षेत्रों में लाइब्रेरी-सह-रिसोर्स सेंटर तथा सरकारी विद्यालयों में रसोईघर निर्माण जैसी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और पोषण से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सांसद एवं विधायक निधि से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पूर्ण हो चुकी योजनाओं का उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) समय पर उपलब्ध कराने और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना उचित कारण कार्य में देरी या लापरवाही बरतने वाले संवेदकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग, स्थल निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष जोर दिया।