
जमशेदपुर: आदित्यपुर निवासी करनी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुई हत्या के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस की मौजूदगी में ही हमलावरों ने हिमांशु पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे। हत्याकांड के विरोध में करनी सेना के कार्यकर्ताओं और हिमांशु के समर्थकों ने सोमवार की देर रात तक बिष्टुपुर के रीगल गोलचक्कर पर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो हिमांशु की जान बचाई जा सकती थी। इस दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ की। सिटी एसपी की सरकारी गाड़ी का शीशा भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जबकि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। लोगों ने बिष्टुपुर थाना का गेट भी बंद कर दिया और हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पीयूष पांडेय ने बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। आलोक कुमार दुबे की जगह बर्मामाइंस थाना के थाना प्रभारी निरंजन कुमार को बिष्टुपुर का नया थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं, पूरे घटनाक्रम की समीक्षा और जांच के लिए जोनल आईजी मनोज कौशिक मंगलवार को जमशेदपुर पहुंचे और अधिकारियों से मामले की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने घटना स्थल का भी निरीक्षण किया।
परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार
24 घंटा बीतने के बाद भी हिमांशु के शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। शव टीएमएच में रखा हुआ है। हिमांशु सिंह के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से फिलहाल इनकार कर दिया है। परिवार का कहना है कि जब तक मामले में दोषी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती और हत्या में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक वे पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देंगे। हिमांशु की मौत के बाद उनके घर में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि उनकी पत्नी ऋचा सिंह गहरे सदमे में हैं। परिवार ने सरकार से ऋचा सिंह को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है। मृतक के पिता अरविंद सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के समय पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई और इसी वजह से उनके बेटे की जान गई। पिता ने कहा है कि जब तक उनके बेटे के हत्यारे का एनकाउंटर नहीं होता तबतक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे.
करनी सेना ने 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम
घटना को लेकर करनी सेना के लोगों में भी भारी आक्रोश है। करनी सेना ने भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में हमलावरों ने हिमांशु और प्रत्यूष पर चाकुओं से हमला किया, फिर भी समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। संगठन ने घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी हत्या सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हत्यारे का एनकाउंटर के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। सेना का कहना है कि 24 घंटे के भीतर अपराधी का एनकाउंटर नहीं हुआ तो सेना आंदोलन तेज करेगी।
बार को किया गया सील
डबल डाउन बार के बाहर हुई हिमांशु सिंह की हत्या के बाद जिला प्रशासन ने बार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मंगलवार दोपहर प्रशासन और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार को सील कर दिया। यह कार्रवाई उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर की गई। उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बार को सील कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को हत्याकांड के बाद उठाए गए शुरुआती सख्त कदमों में माना जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद बार संचालक और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
11 के खिलाफ केस, 2 को जेल
डबल डाउन बार के बाहर हुई हिंसक घटना के मामले में बिष्टुपुर थाना पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए कुल 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दर्ज एफआईआर में बार के संचालकों के साथ घटना में शामिल अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है। हिमांशु के पिता आदित्यपुर निवासी अरविंद सिंह के बयान के आधार पर दर्ज की गई है। इस मामले में भाजपा नेता और बार संचालक नीरज सिंह, सह संचालक विजय कुमार, सोनू राम सरदार, विश्वनाथ मंडल, राहुल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, लखन तथा एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया है। सभी पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया निवासी सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस के सामने हुई थी चाकूबाजी
शनिवार देर रात बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार में दो पक्षों के बीच हुए विवाद और मारपीट हुई थी। बार के अंदर शुरू हुआ विवाद बाहर तक पहुंच गया, जहां माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान पुलिस की मौजूदगी में हमलावरों ने करनी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्यूष पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हिमांशु सिंह का इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में चल रहा था, जहां सोमवार शाम उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल प्रत्यूष को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर किया गया, जहां उनकी हालत अब भी चिंताजनक बताई जा रही है। घटना को लेकर पुलिस के खिलाफ लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।