
दरअसल, मानगो वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट के तहत सुवर्णरेखा नदी से पानी लेकर उसे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाएगा। इसके बाद शहर के विभिन्न इलाकों में घर-घर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना शहरवासियों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इधर, विरोध कर रहे ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में मानगो नगर निगम पहुंचकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और मांग की कि प्लांट को आबादी से दूर किसी अन्य स्थान पर स्थापित किया जाए।
वहीं, मानगो नगर निगम के उपमहापौर राहुल कुमार कश्यप ने कहा कि स्थानीय लोगों की शिकायत प्राप्त हुई है। निगम की टीम पूरे मामले की मौके पर जाकर जांच करेगी। यदि जांच में ग्रामीणों की आशंकाएं सही पाई जाती हैं तो प्लांट के स्थान में बदलाव पर भी विचार किया जाएगा।