
अक्षर संवाद जमशेदपुर
झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना के तहत फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए शुक्रवार 22 मई को पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर प्रखंड में महिलाओं को कड़ी धूप और 42 डिग्री तापमान में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा।
जमशेदपुर में इन दिनों लू के साथ भीषण गर्मी पड़ रही है और तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है। ऐसे में सुबह 9 बजे से ही सत्यापन केंद्रों के बाहर महिलाओं की लंबी कतारें लग गईं। कई महिलाओं के हाथों में छाता था, तो कई तपती धूप में बिना किसी छांव के खड़ी होकर अपनी बारी का इंतजार करती रहीं।
पैसा रुकने से बढ़ी परेशानी
दरअसल, मईयां सम्मान योजना के तहत हर माह मिलने वाली सम्मान राशि कई लाभुक महिलाओं के खाते में नहीं पहुंच रही है। किसी का पैसा तकनीकी कारणों से रुका हुआ है, तो किसी का नाम सत्यापन न होने से सूची से हट गया है। इसी को लेकर सरकार द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जा रहा है।
जुगसलाई की रहने वाली सुनीता देवी ने बताया, “पिछले तीन महीने से पैसा नहीं आया। घर चलाना मुश्किल है। सुबह 8 बजे से लाइन में लगी हूं, अब दोपहर हो गई। धूप में खड़े-खड़े चक्कर आ रहा है, लेकिन क्या करें, मजबूरी है।”
व्यवस्था पर उठे सवाल
भीषण गर्मी में बुजुर्ग और बीमार महिलाएं भी कतार में दिखीं। सत्यापन केंद्रों पर न पीने के पानी की समुचित व्यवस्था थी, न बैठने के लिए शेड। परसुडीह की 65 वर्षीय मालती महतो ने कहा, “इतनी गर्मी में हम लोग कैसे खड़े रहें? सरकार को टोकन सिस्टम या वार्डवार तारीख तय करनी चाहिए थी।”
प्रशासन ने दिया आश्वासन
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि सत्यापन का काम तेजी से चल रहा है। गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर पानी और छाया की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने लाभुकों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें, सभी पात्र महिलाओं का सत्यापन कर राशि उनके खाते में भेजी जाएगी।

