
अक्षर संवाद, जमशेदपुर
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक में मलेरिया के प्रसार का रोकथाम, जन शिकायतों के निष्पादन, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, कुपोषण प्रबंधन, डायलिसिस सेवा, प्रोजेक्ट उल्लास सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें उपायुक्त ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों में कैसे बेहतर चिकित्सीय सुविधा लोगों को मिले इसे लेकर विभागीय पदाधिकारी गंभीर होकर कार्य करें। बैठक में पोटका, डुमरिया, मुसाबनी एवं घाटशिला क्षेत्र में मलेरिया के प्रसार पर प्रभावी रोक को लेकर सभी एमओआईसी को जांच का दायरा बढ़ाने का सख्त निर्देश दिया गया। सभी 11 प्रखंडों में अब तक 40 हजार लोगों की जांच हो चुकी है, अगले 4 दिनों में कुल एक लाख लोगों का मलेरिया जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
टीकाकरण कार्यक्रम एवं संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने डाटा परिलक्षित नहीं होने तथा डाटा अद्तन में लापरवाही सामने आने पर अप्रसन्नता जताई। उन्होने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सभी बीपीएम को कारण बताओ नोटिस जारी करें, साथ ही यह सुनिश्चित करें कि जून माह में हुए 5 होम डिलिवरी को अगले माह में शून्य करें, सभी प्रसव संस्थागत हो इसके लिए सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें और बताएं कि जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संस्थागत प्रसव क्यों जरूरी है।
