
कोडरमा : कोडरमा घाटी में शनिवार को हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद इंसानियत को शर्मसार करने वाला नजारा देखने को मिला। पाम ऑयल से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल होकर टैंकर के भीतर फंसा रहा, लेकिन घटनास्थल पर पहुंचे कई लोग उसकी सहायता करने के बजाय टैंकर से बह रहे तेल को बर्तनों में भरने में जुट गए।
काली मंडा के पास हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाम ऑयल से भरा टैंकर हरदिया, रजौली (नवादा) की ओर जा रहा था। कोडरमा घाटी में काली मंडा के समीप किसी वाहन को पार करने के दौरान चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद टैंकर सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि चालक टैंकर के अंदर ही फंस गया और स्वयं बाहर नहीं निकल सका। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। हालांकि, घायल चालक की स्थिति जानने और उसे बाहर निकालने के बजाय भीड़ की नजर टैंकर से रिस रहे पाम ऑयल पर पड़ी।
बाल्टी, डिब्बे और गैलन लेकर पहुंचे लोग
देखते ही देखते घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। किसी के हाथ में बाल्टी थी तो कोई गैलन, डिब्बा या अन्य बर्तन लेकर पहुंचा था। टैंकर से निकल रहे तेल को भरने के लिए लोगों में होड़ मच गई। महिलाओं और बुजुर्गों के साथ कई अन्य लोग भी तेल ले जाते दिखाई दिए। करीब एक घंटे तक तेल भरने का सिलसिला चलता रहा। भीड़ इस काम में इतनी व्यस्त रही कि किसी ने टैंकर में फंसे घायल चालक की सुध लेने की गंभीर कोशिश नहीं की। सड़क दुर्घटना के बाद सामने आई इस तस्वीर ने मानवीय संवेदनाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए।
सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी एक स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तेल भर रहे लोगों को वहां से हटाया। इसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से टैंकर में फंसे चालक को बाहर निकाला और उपचार के लिए सदर अस्पताल भेजा। चालक की हालत गंभीर बताई गई। दुर्घटनाग्रस्त टैंकर को सड़क से हटाने के लिए क्रेन की मदद ली गई और उसे सीधा कराया गया। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
मदद से पहले सामान लूटना बना चिंता का विषय
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि दुर्घटना के समय लोगों की पहली प्राथमिकता पीड़ित की जान बचाना होनी चाहिए या मौके का लाभ उठाना। समय पर सहायता मिलने से घायल व्यक्ति की जान बच सकती है। ऐसे में हादसे के दौरान भीड़ लगाने या सामान उठाने के बजाय पुलिस, एंबुलेंस और स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचना देना सबसे जरूरी है।











