
जमशेदपुर : निखार सबलोक हत्याकांड के बाद शहर में एक और हत्या की कथित साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। सीतारामडेरा पुलिस ने भुइयांडीह बस स्टैंड के पास से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी प्रदीप सिंह और अभिनय यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों कथित शूटर हथियार लेकर जमशेदपुर पहुंचे थे और एक व्यक्ति की हत्या के लिए टारगेट और सुपारी की रकम तय होने का इंतजार कर रहे थे।
तलाशी के दौरान उनके पास से एक लोडेड देशी पिस्टल और दो जिंदा गोलियां बरामद हुई हैं।
टारगेट का नाम सामने आता, उससे पहले पुलिस पहुंच गई
पुलिस को सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध हथियार के साथ भुइयांडीह बस स्टैंड के आसपास घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही टीम ने इलाके में घेराबंदी की।
पुलिस को देखकर दोनों बस स्टैंड के पास बने शौचालय के पीछे छिपने लगे। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया और तलाशी ली, जिसमें हथियार और कारतूस बरामद हुए।
किसकी हत्या करनी थी, यह अभी तय नहीं हुआ था
पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि दोनों को गणेश सिंह गिरोह के एक सदस्य की हत्या के लिए जमशेदपुर बुलाया गया था। हालांकि, उन्हें अभी तक यह नहीं बताया गया था कि निशाना कौन होगा।
दोनों कथित शूटर टारगेट के नाम और हत्या के बदले मिलने वाली सुपारी की रकम तय होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी बीच पुलिस की कार्रवाई से कथित साजिश नाकाम हो गई।
सुल्तानपुर से बुलाने का दावा
पुलिस के अनुसार, प्रदीप सिंह और अभिनय यादव ने पूछताछ में बताया कि वे अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव और अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह के कहने पर जमशेदपुर आए थे।
पुलिस का कहना है कि सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा स्थित अशोक कुमार के मकान में दोनों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। वहीं, उलीडीह निवासी सुनील रजक पर दोनों को हथियार उपलब्ध कराने की बात सामने आई है।
19 अगस्त को भी निखार को निशाना बनाने आए थे
जांच में पुलिस को निखार सबलोक हत्याकांड से जुड़ी अहम जानकारी भी मिली है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी 19 अगस्त को निखार की हत्या के लिए भी जमशेदपुर आए थे।
उस समय राहुल विश्वकर्मा नाम का एक अन्य व्यक्ति भी उनके साथ था। पुलिस के अनुसार, एडवांस में सुपारी की आधी रकम को लेकर सिंटू सिंह से विवाद हुआ और दोनों बिना वारदात किए वापस उत्तर प्रदेश चले गए।
निखार की हत्या के बाद फिर आया बुलावा
पुलिस का दावा है कि निखार की हत्या के बाद दोनों से दोबारा संपर्क किया गया और उन्हें जमशेदपुर बुलाया गया। इस बार कथित तौर पर गणेश सिंह गिरोह के किसी अन्य सदस्य को निशाना बनाने की योजना थी। टारगेट कौन होगा, वारदात कब होगी और कितनी रकम मिलेगी, इन सवालों का जवाब तय होने से पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
अब साजिश की पूरी कड़ी खंगाल रही पुलिस
एएसपी ऋषभ त्रिवेदी ने गुरुवार को एसएसपी कार्यालय के सभागार में मामले की जानकारी दी। पुलिस अब कथित साजिशकर्ताओं, हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति और इस पूरी योजना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
निखार हत्याकांड के बाद सामने आई इस कथित दूसरी साजिश ने जमशेदपुर में गैंगवार की आशंका को लेकर पुलिस की सक्रियता और बढ़ा दी है।











