
नई दिल्ली: मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज।बीजेपी संगठन में नई टीम के गठन के बाद अब मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की चर्चाओं ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। ‘आजतक रेडियो’ के पॉडकास्ट रिपोर्टर्स ऑफ एयर में कैबिनेट विस्तार और संभावित फेरबदल को लेकर चर्चा हुई। इसमें कई मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदले जाने और नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना पर बात की गई।
हालांकि, ये फिलहाल सियासी चर्चाएं और संभावनाएं हैं। सरकार की ओर से कैबिनेट फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
नितिन गडकरी का मंत्रालय बदले जाने की चर्चा
चर्चा में सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लेकर रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, गडकरी के मंत्रालय में बदलाव की अटकलें हैं। उनके प्रदर्शन और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर बीजेपी के भीतर मंथन की बात कही गई है।
गडकरी फिलहाल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संभाल रहे हैं। चर्चा में यह भी कहा गया कि उनके पास मौजूद मंत्रालयों में फेरबदल किया जा सकता है।
अश्विनी वैष्णव को मिल सकता है प्रमोशन?
कैबिनेट फेरबदल की संभावनाओं में अश्विनी वैष्णव का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। चर्चा के मुताबिक, उनके पास रेलवे, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं।
इसी आधार पर उन्हें मोदी सरकार के टॉप फाइव मंत्रियों में शामिल किए जाने या अतिरिक्त महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना पर चर्चा हुई।
16-17 नए चेहरों की हो सकती है एंट्री
संभावित कैबिनेट विस्तार में 16 से 17 नए चेहरों को मंत्री बनाए जाने की अटकल भी सामने आई है। बीजेपी के सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई गई है।
इसके साथ ही कुछ वरिष्ठ मंत्रियों से अतिरिक्त मंत्रालयों की जिम्मेदारी लेकर उसे दूसरे मंत्रियों के बीच बांटने की बात भी कही जा रही है।
धमेंद्र प्रधान के बाद प्रह्लाद जोशी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
चर्चा में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने का भी उल्लेख किया गया। इसी वजह से मंत्रालयों के पुनर्वितरण की संभावना को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।
कैबिनेट में कई ऐसे मंत्री भी हैं, जिनके पास एक से ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी है। ऐसे में फेरबदल की स्थिति में विभागों का पुनर्वितरण बड़ा बदलाव हो सकता है।
2027 और 2029 के चुनावों पर नजर?
कैबिनेट में संभावित बदलाव को 2027 के विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। चर्चा में कहा गया कि बीजेपी चुनावी राज्यों में संगठन और सरकार के स्तर पर नए चेहरों को आगे लाने की रणनीति पर काम कर सकती है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर कैबिनेट में फेरबदल होता है तो किस मंत्री का विभाग बदलेगा, किसे प्रमोशन मिलेगा और किन नए चेहरों को मोदी कैबिनेट में जगह मिलेगी? इन सवालों के जवाब आधिकारिक ऐलान के बाद ही साफ होंगे।


