
धनबाद : झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के मैथन एवं पंचेत बांध के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जलाशयों पर बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए दोनों बांधों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इसके बाद पश्चिम बंगाल के कई निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।
दोनों बांधों से छोड़ा गया हजारों क्यूसेक पानी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैथन डैम से लगभग 48 हजार क्यूसेक और पंचेत डैम से करीब 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। भारी बारिश के कारण दोनों जलाशयों में लगातार पानी पहुंच रहा है। ऐसे में डीवीसी के अधिकारी जलस्तर, पानी के प्रवाह और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। गुरुवार को मैथन डैम का जलस्तर करीब 488 फीट और पंचेत डैम का जलस्तर लगभग 416 फीट दर्ज किया गया। बताया गया कि पंचेत जलाशय में बुधवार को करीब 85 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह था, जो गुरुवार को घटकर लगभग 75 हजार क्यूसेक रह गया।
पश्चिम बंगाल के पांच जिलों को चेतावनी
मैथन और पंचेत बांध झारखंड के धनबाद जिले तथा पश्चिम बंगाल की सीमा के पास स्थित हैं। इन जलाशयों से छोड़ा गया पानी पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ता है। इसी कारण पुरुलिया, पश्चिम बर्धमान, बांकुड़ा, हुगली और हावड़ा जिलों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। डीवीसी ने संबंधित जिला प्रशासन को नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा है। जलस्तर अचानक बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने सहित जरूरी तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जलप्रवाह के आधार पर होगा अगला फैसला
मैथन डैम के छह गेट और चार गैलरी के माध्यम से पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। तेज बहाव और उठती जलधारा को देखने के लिए आसपास लोगों की भीड़ भी जुट रही है। अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और प्रतिबंधित क्षेत्रों के पास नहीं जाने की अपील की है। डीवीसी और केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी दोनों बांधों के जलस्तर, जलप्रवाह, इनफ्लो तथा आउटफ्लो की लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यदि बारिश और पानी का प्रवाह बढ़ता है तो परिस्थितियों की समीक्षा कर निकासी की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है।
फिलहाल निचले इलाकों में स्थिति सामान्य
कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के बावजूद नियंत्रित तरीके से पानी छोड़े जाने के कारण फिलहाल निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति की सूचना नहीं है। हालांकि प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा किसी भी आधिकारिक चेतावनी की अनदेखी नहीं करने की सलाह दी है।











