आरजी कर मामले में न्याय की प्रतीक्षा करती पीड़ित मां और अस्पताल की ओर बढ़ती सीबीआई टीम की सांकेतिक तस्वीर।
कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़िता की मां ने एक बार फिर जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बैरकपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की धीमी जांच पर नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लंबे समय बाद भी न्याय की दिशा में कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
‘सरकार बदली, लेकिन न्याय की स्थिति नहीं’
पीड़िता की मां ने कहा कि राज्य में राजनीतिक बदलाव के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इससे न्याय प्रक्रिया पर कोई वास्तविक असर दिखाई नहीं दिया। उन्होंने सवाल किया कि सत्ता या व्यवस्था में बदलाव के बाद भी परिवार को न्याय के लिए लगातार संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, मामले की जांच जिस गति से आगे बढ़ रही है, उससे कई आशंकाएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने जांच एजेंसी से मामले से जुड़े प्रत्येक संदिग्ध की भूमिका की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने की मांग की।
डॉक्टर की गिरफ्तारी को लेकर उठाया प्रश्न
पीड़िता की मां ने कहा कि यदि जांच में किसी डॉक्टर की भूमिका अपराध में सामने आती है, तो केवल उसके पेशे के कारण कार्रवाई नहीं रोकी जानी चाहिए। उन्होंने पूछा, “यदि कोई डॉक्टर अपराध में शामिल है तो उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकती?” उनका कहना था कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी आरोपी को उसके पद या पेशे के आधार पर राहत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत द्वारा मामले की सुनवाई के लिए नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के बाद भी सीबीआई की जांच प्रणाली पर सवाल बने हुए हैं।
बेटी नहीं चाहती थी कि मां राजनीति में आए
अपने राजनीतिक जीवन के बारे में उन्होंने बताया कि वह कभी राजनीति में प्रवेश नहीं करना चाहती थीं। उनके पति का अपना व्यवसाय था और बेटी भी चाहती थी कि परिवार राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहे। बेटी ने यहां तक कहा था कि राजनीति से दूरी बनाए रखने के लिए आवश्यकता पड़े तो उसके पिता अपना कारोबार बंद कर दें। उन्होंने कहा कि बेटी की मृत्यु के बाद भी परिवार की राजनीति में आने की योजना नहीं थी, लेकिन घटना ने उन्हें स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की कथित खामियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग
पीड़िता की मां ने सीबीआई से जांच को तेज, प्रभावी और पारदर्शी बनाने की अपील की। उन्होंने मांग की कि अपराध में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।











