
रांची/जमशेदपुर : झारखंड में मुख्य और सहायक सड़कों के किनारे वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद परिवहन विभाग ने राज्यभर में अवैध पार्किंग रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने सभी जिलों के अधिकारियों को नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
मरीन ड्राइव हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
24 सितंबर की तड़के जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में सड़क किनारे खड़े ट्रक से एक कार टकरा गई थी। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृपा सिंह भी शामिल थीं। घटना के बाद सड़क किनारे भारी वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग और यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इस हादसे को देखते हुए परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्य सड़कों, राजमार्गों और सहायक मार्गों पर वाहनों की मनमानी पार्किंग स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीटीओ और एमवीआई को अभियान का निर्देश
परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने राज्य के सभी उपायुक्तों से अपने-अपने जिलों में विशेष जांच अभियान चलाने को कहा है। अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी यानी डीटीओ और मोटर वाहन निरीक्षक यानी एमवीआई की सेवाएं ली जाएंगी। सड़क किनारे खड़े वाहनों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिक या चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर वाहन हटाने तथा जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
सड़क पर पार्किंग से बढ़ता है हादसे का खतरा
मुख्य सड़कों पर ट्रक, बस या अन्य वाहन खड़े होने से आवागमन के लिए उपलब्ध स्थान कम हो जाता है। रात या खराब मौसम के दौरान सड़क किनारे खड़े वाहन आसानी से दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। कई बार बिना रिफ्लेक्टर, पार्किंग लाइट या चेतावनी संकेत के खड़े भारी वाहन दूसरे चालकों के लिए बड़ा खतरा बनते हैं।
गैराज और वाशिंग सेंटर संचालकों से अपील
मंत्री ने गैराज और वाशिंग सेंटर संचालकों से भी वाहनों को सड़क पर खड़ा नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मरम्मत या सफाई के लिए आए वाहनों को निर्धारित परिसर अथवा सुरक्षित पार्किंग स्थल पर ही रखा जाना चाहिए।
नागरिकों से मांगा सहयोग
परिवहन विभाग ने वाहन चालकों और मालिकों से सड़कों को आवागमन के लिए खुला रखने की अपील की है। विभाग का कहना है कि केवल कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा। सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था के लिए नागरिकों, वाहन मालिकों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सहयोग भी जरूरी है।












