
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने और आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से सदर थाना पुलिस ने देर रात विशेष चेकिंग और गश्ती अभियान चलाया। अभियान के दौरान सड़क किनारे खुलेआम नशा करने वालों, बेवजह जमावड़ा लगाने वालों और संदिग्ध तरीके से घूम रहे युवकों पर पुलिस ने सख्ती दिखाई।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में कई टीमों ने संभाला मोर्चा
यह पूरी कार्रवाई सदर थाना प्रभारी चंद्रशेखर चौधरी की अगुवाई में की गई। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के मुख्य चौराहों, सड़कों के किनारे, सुनसान रास्तों और संवेदनशील इलाकों में सघन गश्त की। इस दौरान सड़क किनारे बैठकर नशा करने वाले और बिना वजह समूह बनाकर घूम रहे युवकों की जांच की गई।
पुलिस का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी और अनावश्यक जमावड़े पर रोक लगाना था। अधिकारियों के अनुसार ऐसे जमावड़ों के कारण कई बार विवाद, छिनतई, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
युवकों को पकड़ा, परिजनों को बुलाकर दी हिदायत
अभियान के दौरान पुलिस ने सड़क किनारे बैठे और बाइक पर घूम रहे कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद अधिकांश युवकों को पहली बार चेतावनी देकर छोड़ा गया। पुलिस ने उनके परिजनों को भी मौके पर बुलाया और पूरी स्थिति से अवगत कराया।
परिजनों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि भविष्य में यदि उनके बच्चे इस तरह की गतिविधियों में दोबारा संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी बर्दाश्त नहीं
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन, नशा करना, देर रात तक बेवजह बाइक से घूमना और सड़क किनारे जमावड़ा लगाकर शांति भंग करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में पुलिस लगातार निगरानी रखेगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
थाना प्रभारी चंद्रशेखर चौधरी ने कहा कि शहर में शांति और कानून का राज कायम रखने के लिए इस तरह का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि उनके आसपास नशाखोरी या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें।
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग और नशाखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देर रात चलाए गए इस अभियान को शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में पुलिस की सक्रिय पहल के तौर पर देखा जा रहा है।












