
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी को लेकर जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने तकनीकी विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित तकनीकी विभागों की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हुआ है, उन्हें 15 दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से शुरू किया जाए। ऐसा नहीं होने पर योजनाओं को नियमानुसार रद्द करने की कार्रवाई की जाए।
बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत
बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग (आरईओ), पथ निर्माण विभाग (आरसीडी), विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण, भवन निगम समेत अन्य तकनीकी विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बारिश के कारण जिले के ग्रामीण और सुदूर इलाकों में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मोटरेबल बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहार के दौरान लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग क्षतिग्रस्त सड़कों का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करें।
लापरवाही पर संवेदक होंगे डिबार
उपायुक्त ने योजनाओं में देरी के लिए जिम्मेदार संवेदकों पर भी सख्ती के संकेत दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि संवेदक की लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें डिबार करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
NOC और भूमि सीमांकन के मामले भी जल्द निपटाएं
बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी समस्याओं की भी समीक्षा की गई। वन विभाग से एनओसी, अंचल कार्यालय से भूमि सीमांकन समेत अन्य लंबित अंतर्विभागीय मामलों को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर जल्द निष्पादन का निर्देश दिया गया।
तय समय-सीमा में धरातल पर उतरें योजनाएं
उपायुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान समेत सभी तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता उपस्थित थे।











