
जमशेदपुर : गांधी जयंती, शास्त्री जयंती और विश्व मुस्कान दिवस के अवसर पर गुरुवार को घाघीडीह स्थित बाल संप्रेषण गृह परिसर में बच्चों के बीच खुशियां बांटी गईं। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) विशाल गौरव और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने बच्चों के बीच वस्त्र, जूते-चप्पल, टॉफियां और बिस्कुट वितरित किए।
सीजेएम ने बच्चों को बताया गांधी के योगदान का महत्व
कार्यक्रम में सीजेएम विशाल गौरव ने बच्चों से संवाद करते हुए महात्मा गांधी के जीवन और देश की आजादी में उनके योगदान की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और अनुशासन के माध्यम से बच्चे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।
डालसा सचिव ने देखी व्यवस्था, भोजन और शिक्षा पर जोर
डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने बच्चों का कुशल-क्षेम जाना और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चों की बेहतर देखभाल, भोजन की गुणवत्ता और शिक्षा की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर वातावरण और मार्गदर्शन देकर उन्हें समाज और देश के जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
विश्व मुस्कान दिवस पर बच्चों के चेहरे पर बिखरी खुशी
भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के साथ विश्व मुस्कान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों के चेहरे पर खुशी लाना था। वस्त्र, जूते-चप्पल और खाद्य सामग्री पाकर बच्चों में उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में बाल संप्रेषण गृह के गृहपति सुजीत कुमार, सहायक रवि मुर्मू, पीएलवी अरुण रजक, रामकंडेय मिश्रा, ग्लोरिया पूर्ति और सीमा कुमारी सहित समिति के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।












