
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम दिया। चांडिल थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर बस स्टैंड के समीप स्थित लक्ष्मी ज्वेलर्स के मालिक सुरेश चौधरी के घर में शुक्रवार देर रात 7-8 नकाबपोश हथियारबंद बदमाश घुस गए। बदमाशों ने पिस्टल की नोक पर परिवार के सदस्यों को बंधक बना लिया और सोने-चांदी के जेवरात व नकदी समेत करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति लूटकर फरार हो गए। घटना रात करीब एक बजे से ढाई बजे के बीच की बताई जा रही है।
थाना के इतने करीब हुई इस वारदात से इलाके में दहशत है। घटना के बाद स्थानीय कारोबारियों में भी आक्रोश है। बाजार समिति ने पुलिस को चेतावनी दी है कि यदि जल्द मामले का खुलासा नहीं हुआ तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
चार बदमाशों को पकड़ लिया, सिर पर पिस्टल सटाते ही छोड़ा
डकैती के दौरान सुरेश चौधरी के पुत्र उमंग चौधरी ने बदमाशों का मुकाबला करने की कोशिश की। उमंग के मुताबिक, चेहरे पर गमछा बांधे 7-8 युवक रात करीब एक बजे घर में घुसे थे। इसी दौरान उसने हिम्मत दिखाते हुए चार बदमाशों को पकड़ लिया। लेकिन अपराधियों ने उसके सिर पर पिस्टल सटा दी। जान का खतरा देखते हुए उसे बदमाशों को छोड़ना पड़ा।
इसके बाद अपराधियों ने घर में रखे अलमारी और कीमती सामान को निशाना बनाया। सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेटने के बाद सभी बदमाश फरार हो गए। परिवार के अनुसार, लूटी गई संपत्ति का अनुमानित मूल्य करीब एक करोड़ रुपये है।
दुकान बंद, फिर भी घर में रखे थे लाखों के जेवर
सुरेश चौधरी चांडिल बाजार बस स्टैंड के निवासी हैं। उनकी चांडिल बाजार में पहले सोने-चांदी की दुकान थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से व्यवसाय बंद है। इसके बावजूद घर में बड़ी मात्रा में जेवरात रखे हुए थे। बदमाशों ने इन्हीं जेवरात और नकदी को लूट लिया।
वारदात को अंजाम देने पहुंचे बदमाश हथियारों से लैस थे। परिवार के मुताबिक, वे आपस में बंगाली भाषा में बात कर रहे थे। हालांकि, अपराधियों की पहचान और उनके स्थानीय या बाहरी होने की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
थाना प्रभारी और सर्किल इंस्पेक्टर ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी और सर्किल इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बदमाशों के आने-जाने के रास्ते और उनके फरार होने की दिशा का पता लगाने की कोशिश शुरू की है।
घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम के पहुंचने की उम्मीद है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अपराधियों ने घर में प्रवेश कैसे किया और वारदात को अंजाम देने के बाद किस रास्ते से फरार हुए।
थाना से इतनी कम दूरी पर हथियारबंद बदमाशों की ओर से इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया जाना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान और गिरफ्तारी की जानकारी सामने आना बाकी है।
जल्द खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे कारोबारी
डकैती के बाद चांडिल बाजार के कारोबारियों में नाराजगी है। बाजार समिति ने मामले का जल्द खुलासा करने और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
कारोबारियों का कहना है कि बाजार और थाना के आसपास इस तरह की वारदात सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाती है। अब पुलिस के सामने अपराधियों की पहचान कर लूटी गई संपत्ति बरामद करना बड़ी चुनौती है।
डकैती के दौरान गिरी दो लाख की चेन, पत्रकार ने लौटाई
इस घटना के बीच ईमानदारी की एक मिसाल भी सामने आई। समाचार संकलन के लिए मौके पर पहुंचे स्थानीय अखबार के पत्रकार प्रकाश कुमार को घर की गली में सोने की एक चेन मिली। इसकी कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। बताया गया कि चेन डकैती के दौरान गिर गई थी।
प्रकाश कुमार ने चेन अपने पास रखने के बजाय उमंग चौधरी को वापस लौटा दी। घटना के बीच सामने आई इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
1981 में भी इसी घर में हुई थी डकैती
सुरेश चौधरी के परिवार के मुताबिक, वर्ष 1981 में भी उनके घर में डकैती हुई थी। करीब 45 साल बाद वर्ष 2026 में एक बार फिर उसी घर को निशाना बनाए जाने से परिवार की चिंता बढ़ गई है। पिछली घटना से जुड़े रिकॉर्ड और मौजूदा वारदात के बीच किसी संबंध की पुष्टि होना अभी बाकी है।
फिलहाल पुलिस की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि थाना से महज कुछ दूरी पर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले हथियारबंद बदमाश आखिर कौन थे और वे पुलिस की पकड़ से कैसे बच निकले।












