
- पुलिस का दावा-हत्या की साजिश रचने, हथियार उपलब्ध कराने और आरोपितों को भगाने में थी भूमिका; पत्नी ने गिरफ्तारी और आर्म्स एक्ट के केस पर उठाए सवाल
जमशेदपुर : निखार सबलोक हत्याकांड में कन्हैया सिंह को जेल भेजे जाने और उसकी निशानदेही पर कपाली से देसी पिस्तौल व गोली बरामद होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर चांडिल पुलिस का दावा है कि कन्हैया सिंह हत्या की साजिश में शामिल था, वहीं दूसरी ओर उसकी पत्नी सुषमा देवी ने अपने पति को बेगुनाह बताते हुए उन्हें फंसाए जाने का आरोप लगाया है। पत्नी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कदमा के विजया हेरिटेज निवासी होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के मामले में बागबेड़ा के प्रधान टोला निवासी कन्हैया सिंह को रविवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, कन्हैया सिंह गैंगस्टर अखिलेश सिंह का करीबी रहा है। शनिवार की रात उसकी निशानदेही पर कपाली से एक देसी पिस्तौल और गोली बरामद की गई। इस बरामदगी के संबंध में कपाली थाना में आर्म्स एक्ट के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब दो महत्वपूर्ण सवाल सामने हैं-क्या बरामद हथियार का निखार सबलोक की हत्या से कोई संबंध है और कन्हैया सिंह के खिलाफ हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप को साबित करने के लिए पुलिस के पास कौन-कौन से साक्ष्य हैं?
पत्नी ने कहा-धोखे से फंसाया गया, निष्पक्ष जांच हो
कन्हैया सिंह की पत्नी सुषमा देवी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पति को धोखे से फंसाया गया है। उनके अनुसार, शुक्रवार को कन्हैया सिंह को बागबेड़ा थाना बुलाया गया था। शाम करीब चार बजे उन्हें चांडिल थाना ले जाया गया। इसके बाद उन्हें कपाली थाना में बंद कर दिया गया और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया गया।
सुषमा देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति पर झूठा आरोप लगाया गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि कन्हैया सिंह पिछले कई वर्षों से आपराधिक गतिविधियों से दूर रहकर सम्मानजनक जीवन जी रहे थे और अब उनका अपराध की दुनिया से कोई संबंध नहीं है।
पत्नी के इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक जवाब उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। ऐसे में गिरफ्तारी की प्रक्रिया और हथियार बरामदगी से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
सात आरोपित पहले ही जा चुके हैं जेल
निखार सबलोक की हत्या 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन में गोली मारकर की गई थी। इस मामले में पुलिस अशोक सिंह राघव, अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह, सुशील केराई, रोहित सिंह, सुनील रजक, उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस और अंकित सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
अशोक सिंह राघव के कन्हैया सिंह से करीबी संबंध बताए जाते हैं। चांडिल के एसडीपीओ दुसरु बानसिंह के अनुसार, कन्हैया सिंह ने अशोक सिंह राघव और अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस का आरोप है कि उसने अपराधियों को भगाने और हथियार उपलब्ध कराने में भी भूमिका निभाई।
कन्हैया सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब जांच में उसकी कथित भूमिका और बरामद हथियार से जुड़े साक्ष्य अहम होंगे। पुलिस के आरोपों और पत्नी के दावे के बीच मामले की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।












