
नई दिल्ली : न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में भारतीय टीम जीत के इरादे से उतरेगी। इस सीरीज में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी। उनके पास एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक टी-20 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है। वहीं, भारतीय टीम भी न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में अपनी बल्लेबाजी की ताकत दिखाकर दौरे का आगाज जीत के साथ करना चाहेगी।
भारतीय टीम को न्यूजीलैंड पहुंचने के बाद परिस्थितियों के अनुरूप ढलने और अभ्यास करने के लिए ज्यादा समय नहीं मिला है। ऐसे में खिलाड़ियों के सामने तेज गेंदबाजी और उछाल वाली पिचों से तालमेल बैठाने की चुनौती होगी। इसके बावजूद टीम को अपने बल्लेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
ईशान के निशाने पर विश्व रिकॉर्ड
ईशान किशन के लिए यह सीरीज व्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से भी बेहद अहम है। खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, ईशान ने इस साल 34 टी-20 पारियों में 1,158 रन बनाए हैं। भारत की ओर से एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक टी-20 रन बनाने का रिकॉर्ड सूर्यकुमार यादव के नाम है, जिन्होंने 1,164 रन बनाए थे।
वहीं, पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान ने वर्ष 2021 में 1,326 रन बनाकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया था। ईशान इस आंकड़े को पार कर लेते हैं तो उनके नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हो सकती है। इसके लिए उन्हें अपनी शानदार बल्लेबाजी को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भी बरकरार रखना होगा।
न्यूजीलैंड की पिचों पर बल्लेबाजों की परीक्षा
भारतीय टीम के लिए न्यूजीलैंड की परिस्थितियां आसान नहीं होंगी। यहां की तेज और उछालभरी पिचों पर बल्लेबाजों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ सकती है। टीम के कई खिलाड़ियों के पास न्यूजीलैंड में टी-20 क्रिकेट खेलने का ज्यादा अनुभव नहीं है।
कप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, संजू सैमसन और शिवम दुबे उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो पहले न्यूजीलैंड में टी-20 मैच खेल चुके हैं। युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपने खेल में बदलाव करना पड़ सकता है।
वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग-11 पर नजर
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। कप्तान श्रेयस अय्यर के अनुसार, टीम में सलामी बल्लेबाजों के अच्छा प्रदर्शन करने के कारण वैभव के लिए अंतिम एकादश में जगह बनाना आसान नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने युवा खिलाड़ी को सही समय पर उचित अवसर मिलने की बात कही।
अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने हाल के मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने सलामी जोड़ी और बल्लेबाजी क्रम को लेकर सही संयोजन चुनने की चुनौती होगी। वैभव को मौका मिलता है या नहीं, यह टीम की रणनीति और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
चार साल बाद भुवनेश्वर कुमार की वापसी
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी अहम मानी जा रही है। करीब चार साल बाद टी-20 टीम में लौटे भुवनेश्वर के सामने अपनी उपयोगिता साबित करने का मौका होगा।
दूसरी ओर, चोटिल हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति भारतीय टीम के लिए चुनौती बन सकती है। बुमराह इस दौरे पर वनडे या टेस्ट प्रारूप में खेलेंगे। ऐसे में गेंदबाजी विभाग में अन्य खिलाड़ियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी पड़ सकती है।
स्पिन गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती की वापसी से टीम को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं, नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे जैसे हरफनमौला खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।
श्रेयस अय्यर के सामने कप्तानी साबित करने की चुनौती
कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी यह सीरीज महत्वपूर्ण होगी। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ कप्तानी की शुरुआत में मिली हार के बाद उनके सामने न्यूजीलैंड में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती है।
टीम को कम समय में परिस्थितियों के अनुरूप ढलना होगा। बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन बनाना भी जरूरी होगा। ऐसे में अय्यर की रणनीति और मैदान पर लिए जाने वाले फैसले सीरीज में भारतीय टीम की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
पिछली सीरीज जीत से बढ़ेगी उम्मीद
न्यूजीलैंड में भारत ने पिछली बार 2022 में टी-20 सीरीज खेली थी। उस दौरे का एकमात्र मुकाबला बारिश से प्रभावित रहा था और डकवर्थ-लुईस पद्धति के आधार पर ड्रॉ घोषित किया गया था। भारत ने सीरीज अपने नाम की थी।
अब भारतीय टीम एक बार फिर न्यूजीलैंड में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेगी। ईशान किशन के संभावित रिकॉर्ड, युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन और भुवनेश्वर कुमार की वापसी के कारण इस सीरीज पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।












