
- दशहरा आयोजन से जुड़ा मामला सामने आने के बाद झारखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज, स्वास्थ्य मंत्री ने फेसबुक पोस्ट के जरिए पूर्व मुख्यमंत्री से मांगी माफी की मांग
जमशेदपुर/रांची : दशहरा के अवसर पर हनुमान के रूप में मौजूद कलाकार द्वारा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास के पैर छूने का मामला विवादों में आ गया है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस घटना को लेकर रघुवर दास पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट जारी कर इस व्यवहार पर सवाल उठाए और पूर्व मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
मंत्री ने अपने संदेश में धार्मिक आस्था और मर्यादा का हवाला देते हुए कहा कि भगवान राम और हनुमान करोड़ों लोगों की श्रद्धा के प्रतीक हैं। ऐसे में धार्मिक पात्रों की भूमिका निभाने वाले कलाकारों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने एक तस्वीर भी अपने फेसबुक पेज पर साझा किया है, जिसमें हनुमान के रूप में एक कलाकार रघुवर दास का पैर छूते नजर आ रहे हैं।
‘झारखंड को तो निगल गए, भक्तों को तो बख्श दीजिए’
डॉ. इरफान अंसारी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “झारखंड को तो निगल गए, कम से कम भक्तों को तो बख्श दीजिए!” उन्होंने रघुवर दास के व्यवहार को अहंकार से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि हनुमान के रूप में कलाकार के पैर छूने पर उन्हें आपत्ति क्यों है।
मंत्री ने पोस्ट में कहा कि भगवान राम का नाम सम्मान और श्रद्धा के साथ लिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को भगवान राम के समान समझने लगते हैं। हालांकि, ये टिप्पणियां मंत्री के अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत विचार हैं।
आस्था और मर्यादा का उठाया सवाल
स्वास्थ्य मंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि हनुमान के रूप में कलाकार द्वारा पैर छूने और उस दौरान रघुवर दास के चेहरे पर मुस्कान होने का दृश्य सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे धार्मिक मर्यादा और आस्था से जुड़ा मुद्दा बताया।
डॉ. अंसारी ने कहा कि भगवान राम और हनुमान करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। उनके अनुसार, धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी आचरण स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
रघुवर दास से माफी की मांग
मंत्री ने इस मामले में रघुवर दास से तत्काल माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर माफी नहीं मांगी गई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है। हालांकि, इस प्रकरण पर रघुवर दास का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा, ताकि घटना की परिस्थितियों और उनके नजरिये को समझा जा सके।
सोशल मीडिया पोस्ट से गरमाई बहस
डॉ. इरफान अंसारी ने अपनी पोस्ट में सत्ता, अहंकार और धार्मिक मर्यादा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि सत्ता का अहंकार इंसान को इतना अंधा नहीं कर देना चाहिए कि वह आस्था और मर्यादा के बीच का अंतर भूल जाए।
फिलहाल, विवाद का केंद्र दशहरा आयोजन में हनुमान के रूप में कलाकार द्वारा रघुवर दास के पैर छूने का प्रसंग और उस पर स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया है। मामले में रघुवर दास की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद विवाद के दूसरे पक्ष की स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी।












