
- जमशेदपुर में दौड़ के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश, टाटा स्टील हाफ मैराथन के 11वें संस्करण का ऐलान
जमशेदपुर: जमशेदपुर में खेल, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने की तैयारी है। टाटा स्टील ने गुरुवार को टाटा स्टील जमशेदपुर हाफ मैराथन के 11वें संस्करण की घोषणा की। इस बार आयोजन की थीम ‘रन फॉर द ग्रीनर टुमॉरो’ यानी ‘हरित भविष्य के लिए दौड़’ रखी गई है। इसकी सबसे खास पहल यह है कि मैराथन के लिए पंजीकरण कराने वाले प्रत्येक प्रतिभागी के नाम पर एक पौधा लगाया जाएगा। प्रतियोगिता में कुल ₹9.18 लाख की पुरस्कार राशि भी रखी गई है।
हर प्रतिभागी के नाम पर लगेगा एक पौधा
इस बार मैराथन का उद्देश्य केवल दौड़ और प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है। आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी जनभागीदारी से जोड़ने की पहल की गई है। प्रत्येक पंजीकृत प्रतिभागी के लिए एक पौधा लगाया जाएगा।
प्रतिभागियों को बाद में पौधरोपण स्थल पर जाकर अपने सामूहिक योगदान को देखने का अवसर भी दिया जाएगा। इससे आयोजन के दिन के बाद भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की भागीदारी बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।
हाफ मैराथन, 10 किमी और 5 किमी की दौड़
मैराथन के 11वें संस्करण में तीन प्रमुख श्रेणियां होंगी। इनमें हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ शामिल हैं। इसके अलावा, आयोजन में 2 किलोमीटर की दौड़ भी जारी रहेगी।
इस आयोजन के जरिए अनुभवी धावकों के साथ फिटनेस में रुचि रखने वाले युवाओं और आम नागरिकों को भी भागीदारी का अवसर मिलेगा।
₹9.18 लाख की पुरस्कार राशि, जानिए किसे मिलेंगे कितने रुपये
प्रतियोगिता में पुरुष और महिला प्रतिभागियों के लिए तीनों श्रेणियों में पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं।
हाफ मैराथन श्रेणी
- प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000
- द्वितीय पुरस्कार: ₹75,000
- तृतीय पुरस्कार: ₹51,000
- चतुर्थ पुरस्कार: ₹31,000
- पांचवां पुरस्कार: ₹11,000
10 किलोमीटर श्रेणी
- प्रथम पुरस्कार: ₹51,000
- द्वितीय पुरस्कार: ₹41,000
- तृतीय पुरस्कार: ₹31,000
- चतुर्थ पुरस्कार: ₹21,000
- पांचवां पुरस्कार: ₹11,000
5 किलोमीटर श्रेणी
- प्रथम पुरस्कार: ₹10,000
- द्वितीय पुरस्कार: ₹8,000
- तृतीय पुरस्कार: ₹7,000
- चतुर्थ पुरस्कार: ₹6,000
- पांचवां पुरस्कार: ₹5,000
इन श्रेणियों में पुरुषों और महिलाओं के लिए समान पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। पहली बार 5 किलोमीटर दौड़ में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को भी पदक दिया जाएगा।
15 नवंबर तक पंजीकरण कराने वालों को खास सुविधा
आयोजकों के अनुसार, 15 नवंबर या उससे पहले पंजीकरण कराने वाले प्रतिभागियों को व्यक्तिगत नाम वाले रेस बिब उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, अधिक लोगों को जोड़ने के लिए समूह पंजीकरण पर छूट की सुविधा भी शुरू की गई है।
पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आयोजन में बायोडिग्रेडेबल गिलासों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि प्लास्टिक के उपयोग को कम किया जा सके।
टाटा स्टील ने बताया खेल और सामाजिक भागीदारी का मंच
प्रेस कॉन्फ्रेंस में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सर्विसेज डीबी सुंदर रामम ने मैराथन को स्वास्थ्य, सहनशक्ति और सामुदायिक भागीदारी का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि सामुदायिक विकास, बेहतर स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पिछले वर्ष आयोजित मैराथन के 10वें संस्करण में 4,200 से अधिक धावकों ने भाग लिया था। इससे जमशेदपुर में फिटनेस और मनोरंजक खेल गतिविधियों के प्रति बढ़ते उत्साह का पता चलता है।
खेलों के जरिए जमशेदपुर की पहचान मजबूत करने की पहल
टाटा स्टील लंबे समय से जमशेदपुर में खेलों के विकास, खेल आधारभूत संरचना, प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में योगदान दे रही है।
कंपनी की खेल पहलों में टाटा स्टील वर्ल्ड 25K कोलकाता, नोआमुंडी रनाथॉन और कपिलाश हाफ मैराथन जैसे आयोजन शामिल हैं। इसके अलावा, ब्रिटेन और नीदरलैंड में भी कंपनी खेल आयोजनों से जुड़ी हुई है। इस वर्ष IHCL आयोजन का हॉस्पिटैलिटी पार्टनर है।
शहरवासियों से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील
टाटा स्टील ने शहरवासियों, धावक समूहों, शैक्षणिक संस्थानों, कॉरपोरेट संगठनों और परिवारों से मैराथन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
इस आयोजन के जरिए जमशेदपुर में फिटनेस को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की जा रही है। अब देखना होगा कि मैराथन का 11वां संस्करण भागीदारी और पौधरोपण के मामले में पिछले रिकॉर्ड को कितना आगे ले जाता है।












