
हजारीबाग : शहर से महज दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक सरकारी विद्यालय की तस्वीर शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को सामने ला रही है। कटकमदाग थाना क्षेत्र की बेस पंचायत के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कुल्लुगुवा में पड़ताल के दौरान 15 नामांकित बच्चों में से केवल एक छात्र उपस्थित मिला। विद्यालय में दो शिक्षक पदस्थापित हैं और चार कमरे भी हैं, लेकिन खाली बेंचों के बीच अकेले बैठे बच्चे की तस्वीर नियमित पढ़ाई और उपस्थिति को लेकर सवाल उठाती है।
शौचालय पर ताला, मध्याह्न भोजन भी बंद
सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। परिसर में शौचालय बना हुआ है, लेकिन उस पर अक्सर ताला लटका रहता है। इससे स्कूल आने वाले बच्चों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता। वहीं, मध्याह्न भोजन बंद होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाई के साथ मिलने वाली जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी ध्यान देने की जरूरत है। विद्यालय में कमरे और शिक्षकों की व्यवस्था होने के बावजूद इतनी कम उपस्थिति चिंता बढ़ाती है। हालांकि, एक दिन की उपस्थिति से पूरे सत्र की स्थिति का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। नियमित हाजिरी के रिकॉर्ड और कक्षाओं के संचालन की समीक्षा से अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है।
जंगल के बीच खुला परिसर, सुरक्षा की चिंता
विद्यालय जंगल के बीच स्थित है और परिसर की चारदीवारी नहीं है। घेराबंदी के अभाव में स्कूल का क्षेत्र खुला रहता है। इससे बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट में अभिभावकों की सुरक्षा संबंधी चिंता का भी उल्लेख है। चारदीवारी नहीं होने का असर विद्यालय परिसर की निगरानी पर भी पड़ता है। बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के प्रयासों के साथ परिसर को सुरक्षित बनाना भी जरूरी है, ताकि अभिभावक निश्चिंत होकर उन्हें स्कूल भेज सकें।
शाम में असामाजिक तत्वों के जुटने की बात
रिपोर्ट में शाम के समय विद्यालय परिसर में शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने की बात कही गई है। यह स्थिति स्कूल की संपत्ति और परिसर की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती है। हालांकि, इन गतिविधियों के संबंध में संबंधित अधिकारियों की जांच और पुष्टि आवश्यक है। नियमित निगरानी तथा घेराबंदी से परिसर के अनुचित इस्तेमाल को रोकने में मदद मिल सकती है।
शिक्षिका ने त्योहार को बताया कम उपस्थिति की वजह
पारा शिक्षिका रोहिणी देवी का कहना है कि त्योहार के कारण बच्चे कम आ रहे हैं। पूजा के बाद विद्यालय खुला है, इसलिए उपस्थिति प्रभावित हुई है। विद्यालय में उनके अलावा नितेश मिश्रा भी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षिका का स्पष्टीकरण सामने है, लेकिन नामांकित 15 बच्चों में केवल एक की मौजूदगी, बंद मध्याह्न भोजन और शौचालय की स्थिति जैसे मुद्दों की समीक्षा जरूरी है। बच्चों की पढ़ाई के साथ सुविधाओं और सुरक्षा पर ध्यान देकर ही विद्यालय का माहौल बेहतर बनाया जा सकता है।












