
जमशेदपुर : वाणिज्यिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच टाटा मोटर्स ने वित्त वर्ष 2026–27 की दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। उपलब्ध वित्तीय विवरण के अनुसार, कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 244 प्रतिशत बढ़कर 1,300 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी दौरान समेकित राजस्व में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 25,300 करोड़ रुपये रहा। बिक्री, नकदी प्रवाह और बाजार हिस्सेदारी के मोर्चे पर भी कंपनी ने बढ़त दर्ज की है।
घरेलू मांग के साथ निर्यात ने पकड़ी रफ्तार
दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल थोक वाहन बिक्री 1,35,100 इकाई रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि से 42 प्रतिशत अधिक है। घरेलू बाजार में बिक्री 30 प्रतिशत बढ़ी, जबकि निर्यात में 177 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कुल बिक्री में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ये आंकड़े घरेलू और विदेशी, दोनों बाजारों में कंपनी के वाहनों की मांग बढ़ने का संकेत देते हैं।
राजस्व और परिचालन कमाई में सुधार
कंपनी का समेकित एबिटडा 31 प्रतिशत बढ़कर 2,800 करोड़ रुपये रहा। एबिटडा ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई का संकेतक है। एकल वित्तीय परिणामों में भी मजबूती दिखाई दी। दूसरी तिमाही में एकल राजस्व 42 प्रतिशत बढ़कर 23,900 करोड़ रुपये पहुंचा। कंपनी ने शुक्रवार को बोर्ड बैठक के बाद दूसरी तिमाही तथा पहली छमाही के वित्तीय परिणाम जारी किए।
भारी वाहनों के बाजार में मजबूत पकड़
वाहन पंजीकरण आंकड़ों के आधार पर पहली छमाही में घरेलू वाणिज्यिक वाहन बाजार में टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी 36.2 प्रतिशत रही। यह पिछले पूरे वित्त वर्ष की तुलना में 1.1 प्रतिशत अंक अधिक है। भारी वाणिज्यिक वाहन श्रेणी में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 55.7 प्रतिशत दर्ज की गई। इस श्रेणी में कंपनी ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है।
नकदी प्रवाह बढ़ा, इलेक्ट्रिक वाहनों पर ध्यान
दूसरी तिमाही में कंपनी का मुक्त नकदी प्रवाह 4,600 करोड़ रुपये रहा। वहीं, 30 सितंबर 2026 तक शुद्ध नकदी 15,900 करोड़ रुपये थी। इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों के लिए लीजिंग और वित्तपोषण समाधान उपलब्ध कराने को लेकर कंपनी ने ड्रिवन के साथ समझौता किया है। इसके अलावा वेलस्पन रिन्यूएबल एनर्जी के साथ 86 मेगावाट की पवन-सौर हाइब्रिड ऊर्जा परियोजना विकसित करने की साझेदारी भी की गई है।
कच्चे माल की लागत अब भी चुनौती
प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरीश वाघ के अनुसार, मजबूत मांग और बेहतर क्रियान्वयन ने वृद्धि को सहारा दिया है। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती लागत चुनौती बनी हुई है। कंपनी आगे परिचालन दक्षता, लागत नियंत्रण और बेहतर उत्पादों पर ध्यान देगी। प्रबंधन को चालू वित्त वर्ष में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन दूसरी छमाही में वृद्धि की गति कुछ धीमी रहने की संभावना भी जताई गई है।












