
- एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गए अरमान, परिवार में पसरा मातम
- बिहार के नवादा स्थित पैतृक गांव में सुपुर्द-ए-खाक किए जाएंगे, पार्थिव शरीर का इंतजार
जमशेदपुर : सऊदी अरब में हवाई हमले में जमशेदपुर के कपाली निवासी अरमान आलम की मौत हो गई। अरमान पिछले करीब 20 वर्षों से खाड़ी देशों में काम कर रहे थे। वर्तमान में वह सऊदी अरब के जेद्दा स्थित एक कंपनी में कार्यरत थे। उनकी मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन उनके पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहे हैं।
परिवार को 20 अक्टूबर को फोन के जरिए अरमान की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद से ही घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार के सदस्य बिहार के नवादा जिले स्थित उनके पैतृक गांव पहुंच गए हैं। पार्थिव शरीर आने के बाद वहीं उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
20 वर्षों से विदेश में कर रहे थे काम
अरमान आलम मूल रूप से बिहार के नवादा जिले के रहने वाले थे। कपाली में भी उनका घर है। परिवार की आजीविका चलाने और बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए वह लंबे समय से खाड़ी देशों में काम कर रहे थे। करीब दो दशक तक विदेश में रहकर परिवार की जिम्मेदारियां निभाने वाले अरमान की अचानक मौत की खबर से परिजन गहरे सदमे में हैं।
एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गए अरमान
अरमान अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गए हैं। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चों के सिर से पिता का साया उठने से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। वर्षों तक परिवार के बेहतर भविष्य के लिए विदेश में मेहनत करने वाले अरमान के अचानक चले जाने से परिजन सदमे में हैं।
पार्थिव शरीर आने का इंतजार
अरमान के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया और उसके पहुंचने के समय को लेकर परिवार इंतजार कर रहा है। परिजन नवादा स्थित पैतृक गांव में उनके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे हैं। परिवार के सदस्यों को उम्मीद है कि पार्थिव शरीर आने के बाद उन्हें अंतिम विदाई दी जा सकेगी।
फिलहाल, घटना से जुड़ी परिस्थितियों और पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।












