
रांची : झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। राज्य के पांच मेडिकल कॉलेजों में सह प्राध्यापक के 65 पदों के लिए शुक्रवार को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया गया। इसी दिन रिम्स में सीनियर रेजिडेंट यानी एसआर पदों के लिए भी साक्षात्कार हुआ। हालांकि, एसआर की भर्ती में उम्मीदवारों की कम उपस्थिति ने रिक्त पदों को भरने की चुनौती बढ़ा दी है।
53 नियमित और 12 बैकलॉग पद भरने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सह प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित 65 पदों में 53 नियमित और 12 बैकलॉग पद शामिल हैं। इन पदों को भरने से मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत होने के साथ मरीजों को मिलने वाली विशेषज्ञ सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। नियमित श्रेणी में मेडिसिन, रेडियोलॉजी, रेडियोथेरेपी, एनाटॉमी, पैथोलॉजी, निश्चेतना और नेत्र रोग सहित विभिन्न विभागों के पद रखे गए हैं। वहीं, बैकलॉग रिक्तियां माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, नेत्र रोग, पीएसएम, मनोरोग, दंत और निश्चेतना विभागों से संबंधित हैं।
पिछली बार 65 पदों के लिए पहुंचे थे सिर्फ 13 अभ्यर्थी
इससे पहले 21 सितंबर को भी इन्हीं 65 पदों के लिए साक्षात्कार आयोजित किया गया था, लेकिन उसमें केवल 13 उम्मीदवार पहुंचे थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनमें भी अधिकांश अभ्यर्थी निर्धारित पात्रता पूरी नहीं कर रहे थे। कुछ उम्मीदवार सह प्राध्यापक के पद को सहायक प्राध्यापक का पद समझकर साक्षात्कार देने पहुंच गए थे। इसके बाद विभाग ने पिछली प्रक्रिया रद्द करते हुए नए सिरे से इंटरव्यू कराने का निर्णय लिया था। इस बार की प्रक्रिया राज्य के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
एमजीएम समेत पांच मेडिकल कॉलेजों को मिलेगा लाभ
नियुक्तियां जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज, धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज और पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित हैं। इन संस्थानों में संबंधित विभागों के पद भरने से विद्यार्थियों की पढ़ाई, अस्पतालों की नियमित सेवाओं और मरीजों के उपचार को मजबूती मिलने की उम्मीद है। पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने से शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में भी सुविधा होगी।
एसआर भर्ती में कम उपस्थिति, बॉन्ड की शर्तों पर सवाल
रिम्स में सीनियर रेजिडेंट के साक्षात्कार में अपेक्षा के अनुरूप उम्मीदवार नहीं पहुंचे। हालांकि, एसआर के कुल पदों और उपस्थित अभ्यर्थियों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। चिकित्सा शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि पीजी के दौरान भरे जाने वाले बॉन्ड की शर्तें भी डॉक्टरों की उपलब्धता को प्रभावित कर रही हैं। कई चिकित्सकों के दूसरे राज्यों में जाने से स्थानीय संस्थानों में विशेषज्ञों की कमी बनी रहती है। ऐसे में रिक्तियां भरने के साथ योग्य डॉक्टरों की राज्य में उपलब्धता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।












