
जमशेदपुर : सिदगोड़ा बाजार में कथित तौर पर रंगदारी मांगने पहुंचे एक युवक को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उसके साथ आया दूसरा व्यक्ति मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पकड़े गए युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोप है कि वह पुलिस अधिकारियों से नजदीकी होने का दावा कर कारोबारियों पर पैसे देने का दबाव बनाता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों के पकड़ने के बाद पहुंची पुलिस
बाजार में युवक को पकड़े जाने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई। फिलहाल उससे कथित वसूली के आरोपों और उसके साथ आए व्यक्ति के बारे में पूछताछ की जा रही है। फरार साथी की पहचान तथा मामले में उसकी भूमिका के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्क्रैप कारोबारियों पर दबाव बनाने का आरोप
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पकड़े गए युवक पर सरायकेला-खरसावां जिले के स्क्रैप कारोबारियों से भी कथित तौर पर पैसे मांगने के आरोप लगे हैं। कुछ कारोबारियों का कहना है कि वह कभी स्वयं को पत्रकार बताता था, तो कभी पुलिस अधिकारियों का करीबी होने का दावा करता था। कारोबारियों ने आरोप लगाया है कि पैसे देने से मना करने पर उन्हें मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी। हालांकि, इन दावों के समर्थन में जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। पुलिस पूछताछ के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट होगी।
अलग-अलग नाम बताने की भी चर्चा
कारोबारियों के दावों के मुताबिक, संबंधित युवक अलग-अलग मौकों पर अपना नाम बदलकर परिचय देता था। इसी वजह से उसकी पहचान को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं। उसके सोनारी क्षेत्र का रहने वाला होने की बात कही जा रही है, लेकिन पुलिस की ओर से पहचान की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उसके नाम, पते और कथित परिचय को फिलहाल पुष्ट जानकारी नहीं माना जा सकता। हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ जारी है और उसकी पहचान की पुष्टि का इंतजार है।
पुरानी कार्रवाई से संबंध की पुष्टि नहीं
इस मामले को पिछले महीने आदित्यपुर थाना क्षेत्र में स्क्रैप कारोबार से जुड़े लोगों के विरुद्ध हुई पुलिस कार्रवाई से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल जांच का केंद्र युवक पर लगे आरोप, उसके फरार साथी की भूमिका और कारोबारियों के दावे हैं। पुलिस अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल किए जाने का आरोप भी इसी मामले का हिस्सा है। आगे की पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि कथित रंगदारी की घटना में किन लोगों की क्या भूमिका थी।












