
जमशेदपुर : की सुरक्षा और जनसेवा से जुड़ने का सपना देखने वाले जमाडोबा और सिजुआ के युवाओं के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन की पहल नई संभावनाएं खोल रही है। फाउंडेशन के यूनिफॉर्म सर्विसेज कोचिंग कार्यक्रम में अब तक नामांकित 93 अभ्यर्थियों में से 17 सरकारी नौकरियां हासिल कर चुके हैं। वहीं, 21 अन्य उम्मीदवार होमगार्ड भर्ती परीक्षा में सफलता और मेडिकल जांच पूरी करने के बाद अंतिम मेरिट सूची की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
सही मार्गदर्शन से आसान हो रही तैयारी
सैन्य बलों, पुलिस और अर्द्धसैनिक सेवाओं में जाने की इच्छा रखने वाले स्थानीय युवाओं के सामने गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई, नियमित शारीरिक प्रशिक्षण और करियर संबंधी जानकारी की कमी बड़ी चुनौती थी। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए नवंबर 2022 में जमाडोबा और सिजुआ में कार्यक्रम शुरू किया गया। यहां लिखित परीक्षा की तैयारी के साथ फिटनेस, अभ्यास परीक्षाओं, करियर काउंसलिंग और लगातार मार्गदर्शन पर ध्यान दिया जाता है।
सुबह मैदान में अभ्यास, दोपहर में पढ़ाई
दोनों केंद्रों पर सोमवार से शुक्रवार तक प्रशिक्षण होता है। सुबह अभ्यर्थी शारीरिक अभ्यास करते हैं, जबकि दोपहर का समय कक्षा में पढ़ाई के लिए निर्धारित है। प्रत्येक केंद्र में एक शारीरिक प्रशिक्षक और दो शैक्षणिक शिक्षक तैनात हैं। गणित, रीजनिंग, हिंदी-अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान, राजव्यवस्था और रक्षा संबंधी जानकारी भर्ती परीक्षाओं की जरूरतों के अनुसार पढ़ाई जाती है। अभ्यर्थियों को सेना, अग्निवीर, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल, एनडीए, एसएससी जीडी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, आरपीएफ और राज्य पुलिस जैसी सेवाओं के लिए तैयार किया जाता है।
छह महीने की कोचिंग, उसके बाद भी सहयोग
पहले प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष थी। पिछले बैचों के अनुभवों के आधार पर चालू वित्तीय वर्ष से इसे छह महीने के सघन प्रशिक्षण में बदला गया है। हालांकि, निर्धारित अवधि पूरी होने पर सहयोग समाप्त नहीं होता। उपयुक्त भर्ती अवसर आने तक लिखित अभ्यास, शंकाओं के समाधान और शारीरिक क्षमता के आकलन के जरिए उम्मीदवारों को तैयारी से जोड़े रखा जाता है।
बेटियां भी बढ़ा रहीं कदम
नौकरी हासिल करने वाले 17 अभ्यर्थियों में 12 पुरुष और पांच महिलाएं हैं। नियुक्तियां सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, अग्निवीर और बिहार पुलिस सहित विभिन्न सेवाओं में हुई हैं। होमगार्ड की अंतिम सूची का इंतजार कर रहे 21 उम्मीदवारों में भी छह महिलाएं शामिल हैं। सफल युवा मलकेरा, भेलाटांड़, जोरापोखर, भौरा, लहरगोड़ा और आसपास की बस्तियों से आते हैं।
असफलता के बाद मिला आत्मविश्वास
मलकेरा के पसितांद निवासी आनंद कुमार अब चंडीगढ़ में आईटीबीपी में सेवाएं दे रहे हैं। उनके अनुसार, एसएससी जीडी में कुछ अंकों से चूकने के बाद कोचिंग से मिले अनुशासन और मार्गदर्शन ने दोबारा प्रयास करने का आत्मविश्वास दिया। वहीं, सिजुआ 12 नंबर की प्रशिक्षणरत आशा महतो सेना की वर्दी पहनने के लक्ष्य के साथ मेहनत कर रही हैं। कार्यक्रम वेस्ट बोकारो में भी शुरू किया गया है। आगे इसे अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना है।












