
- गोलमुरी के केरल समाजम मॉडल स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा वाई. दक्षायनी ने चेंजमेकर वर्ल्ड कप-2026 में बनाई पहचान, 10 दिनों में जुटाया 99 किलो ई-कचरा; 19-20 नवंबर को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व
जमशेदपुर : उम्र महज 12 साल, लेकिन सोच पर्यावरण संरक्षण की और हौसले दुनिया के सामने बदलाव की मिसाल पेश करने के। जमशेदपुर की छात्रा वाई. दक्षायनी ने अपने अनोखे ई-कचरा संग्रह अभियान के दम पर देश के टॉप-50 चेंजमेकर्स में जगह बनाई है। अब वह 19 और 20 नवंबर को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनकी इस उपलब्धि से जमशेदपुर सहित पूरे झारखंड का नाम रोशन हुआ है।
गोलमुरी स्थित केरल समाजम मॉडल स्कूल (KSMS) की कक्षा सात की छात्रा दक्षायनी ने ई-कचरे के सुरक्षित संग्रह और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनूठी पहल शुरू की। उन्होंने अपने अभियान के जरिए लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि मोबाइल फोन की बैटरी, पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दूसरे ई-कचरे को सामान्य कूड़े में फेंकना पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
10 दिनों में जुटाया 99 किलो ई-कचरा
दक्षायनी ने 25 अगस्त से घर-घर जाकर ई-कचरा जुटाने के अभियान की शुरुआत की। शुरुआत में उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने बारीडीह और बागुनहातु की तीन स्थानीय दुकानों पर ई-कचरा संग्रह बॉक्स लगवाए। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए पोस्टर भी लगाए।
उनकी मेहनत का असर दिखने लगा। जहां पहले दिन संग्रह बॉक्स खाली थे, वहीं पांचवें दिन तक वे आधे भर गए। दसवें दिन तक कुल 99 किलोग्राम ई-कचरा एकत्र कर लिया गया। इसके बाद इस ई-कचरे को सुरक्षित रीसाइक्लिंग के लिए हुल्लाडेक संस्था को सौंप दिया गया।
10 हजार से अधिक प्रतिभागियों के बीच मिली पहचान
चेंजमेकर वर्ल्ड कप-2026 के लिए देशभर से 10 हजार से अधिक प्रविष्टियां आई थीं। इनमें से दक्षायनी ने अपनी पहल के जरिए टॉप-50 चेंजमेकर्स में स्थान बनाया। प्रतियोगिता का आयोजन वन मिलियन फॉर वन बिलियन की ओर से अटल इनोवेशन मिशन के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थियों के लिए किया गया था।
दक्षायनी ने जुलाई में ई-कचरा प्रबंधन से जुड़ा अपना विचार ऑनलाइन प्रस्तुत किया था। मिशन-टू के तहत 69 प्रतिभागियों के बीच चयन के बाद उन्हें अपने विचार को जमीन पर उतारने के लिए महज 10 दिनों का समय मिला। उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और ई-कचरा संग्रह अभियान चलाकर अपने विचार को वास्तविक रूप दिया। अभियान की प्रक्रिया पर आधारित वीडियो के आधार पर उनका चयन देश के टॉप-50 चेंजमेकर्स में हुआ।
बेकार सामग्री से बनाती हैं उपयोगी वस्तुएं
दक्षायनी का पर्यावरण संरक्षण के प्रति लगाव नया नहीं है। वह कक्षा तीन से ही बेकार सामग्री से सुंदर और उपयोगी वस्तुएं बनाती आ रही हैं। वह पक्षियों के लिए घर और फीडर तैयार करती हैं। इसके अलावा सीड बॉल और इको-ब्रिक्स जैसी गतिविधियों के माध्यम से भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती हैं।
वह अपने इन प्रयासों को यूट्यूब चैनल ‘ग्रीन हैसल’ के जरिए लोगों तक पहुंचाती हैं। उनका मानना है कि ई-कचरे में मौजूद छोटी-सी बैटरी भी पानी और मिट्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए ई-कचरे का अलग संग्रह और सुरक्षित निस्तारण बेहद जरूरी है।
साधारण परिवार से निकलकर हासिल की बड़ी उपलब्धि
दक्षायनी के पिता रामदेव छोटे दुकानदार हैं, जबकि उनकी मां सत्यवती गृहिणी हैं। उनका परिवार बागुनहातु में रहता है। सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद दक्षायनी ने अपनी रचनात्मक सोच और मेहनत से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
उनकी इस उपलब्धि पर स्कूल की प्राचार्या रीना बनर्जी ने गर्व जताया है। उन्होंने कहा कि दक्षायनी की रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बचपन से ही सराहनीय रही है। वहीं, स्कूल के चेयरमैन सुकुमारन ने जिनेवा यात्रा के लिए हरसंभव सहयोग देने की बात कही है।
अब जिनेवा में दुनिया के सामने रखेंगी अपने विचार
देश के टॉप-50 चेंजमेकर्स में जगह बनाने के बाद दक्षायनी के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने विचार रखने का अवसर तैयार हुआ है। 19 और 20 नवंबर को जिनेवा में होने वाले संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में वह पर्यावरण संरक्षण और ई-कचरा प्रबंधन से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगी।
दक्षायनी की पहल बताती है कि बदलाव लाने के लिए उम्र नहीं, बल्कि सोच, इच्छाशक्ति और लगातार प्रयास मायने रखते हैं। स्थानीय दुकानों पर लगाए गए कुछ संग्रह बॉक्स से शुरू हुआ उनका अभियान अब राष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुका है। उनकी कहानी दूसरे बच्चों और युवाओं को भी अपने आसपास की समस्याओं का समाधान खोजने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देती है।
फैक्ट फाइल:
• नाम: वाई. दक्षायनी
• उम्र: 12 वर्ष
• स्कूल: केरल समाजम मॉडल स्कूल, गोलमुरी
• कक्षा: सातवीं
• अभियान: ई-कचरा संग्रह और सुरक्षित रीसाइक्लिंग
• अभियान की शुरुआत: 25 अगस्त
• 10 दिनों में संग्रह: 99 किलोग्राम ई-कचरा
• उपलब्धि: चेंजमेकर वर्ल्ड कप-2026 के टॉप-50 में चयन
• प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय मंच: जिनेवा, स्विट्जरलैंड
• सम्मेलन की तारीख: 19-20 नवंबर 2026












