
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि मौके से तैयार देशी कट्टा और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए। जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर को गुप्त सूचना मिली थी कि बरडीहा थाना क्षेत्र के लेवातांड जंगल में अवैध रूप से हथियार तैयार किए जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसडीपीओ दील्लू लोहरा और बरडीहा थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई, जिसने निर्धारित स्थान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सबसे पहले संजय विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि वह पहले भी आर्म्स एक्ट के मामले में आरोपी रह चुका है। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर चंदू उरांव को भी गिरफ्तार किया गया, जिस पर तैयार हथियारों की बिक्री करने का आरोप है।
दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस जंगल में संचालित अवैध हथियार निर्माण स्थल तक पहुंची। वहां से दो देशी कट्टे के अलावा हथियार बनाने में प्रयुक्त 15 प्रकार के उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने पूरे परिसर को कब्जे में लेकर सभी सामान जब्त कर लिया। एसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जेल से बाहर आने के बाद मुख्य आरोपी दोबारा अवैध हथियार बनाने और उनकी बिक्री के नेटवर्क से जुड़ गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों की आपूर्ति किन लोगों तक की जाती थी और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर अवैध हथियार कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।
