
ओडिशा: ओडिशा के क्योंझर जिले से अंधविश्वास और मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। दैतारी थाना क्षेत्र के बालिपर्वत गांव में जादू-टोना करने के संदेह में एक दंपति की हत्या कर उनके शव कुएं में फेंक दिए गए। इस हत्याकांड के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। मृतकों की पहचान बालिपर्वत गांव निवासी खगेश्वर सोरेन और उनकी पत्नी तुनी सोरेन के रूप में हुई है। दोनों 27 जून से लापता थे। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच के दौरान पुलिस को गांव के एक युवक सिबा मुंडा पर संदेह हुआ। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने कई अहम जानकारियां दीं।
आरोपित की निशानदेही पर पुलिस गांव के एक कुएं तक पहुंची, जहां से दंपती के शव बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हत्या के बाद आरोपितों ने दोनों के हाथ-पैर बांध दिए थे और पहचान छिपाने व साक्ष्य मिटाने के इरादे से शवों को कुएं में फेंक दिया।
पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे जादू-टोना करने का अंधविश्वास प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों में सिबा मुंडा, रेंगो बानरा, गणेश हांसदा और अनुप हेम्ब्रम शामिल हैं, जबकि पांचवें आरोपित की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं और जांच पूरी होने के बाद आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
