
धनबाद: भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा से करीब दो सप्ताह तक चली पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बुधवार को पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने पर मिसिर बेसरा समेत तीन हार्डकोर नक्सलियों को कड़ी सुरक्षा के बीच धनबाद लाया गया। सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया। मिसिर बेसरा के साथ 15 लाख रुपये का इनामी नक्सली मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण और गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ भी न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं। तीनों की गिरफ्तारी धनबाद से हुई थी।
रांची में कई एजेंसियों ने की पूछताछ
31 जुलाई को अदालत से पुलिस रिमांड मिलने के बाद तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रांची ले जाया गया था। वहां करीब 11 दिनों तक विभिन्न केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की। जांच एजेंसियों ने माओवादी संगठन की गतिविधियों, नेटवर्क, आर्थिक स्रोत, हथियारों की सप्लाई और संगठन से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पूछताछ में सामने आई जानकारियां आने वाले दिनों में सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम साबित हो सकती हैं। खासकर झारखंड और आसपास के इलाकों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को लेकर एजेंसियां मिले इनपुट का सत्यापन कर रही हैं।
धनबाद में मेडिकल जांच के दौरान सुरक्षा घेरा
रिमांड खत्म होने के बाद तीनों नक्सलियों को बुधवार को धनबाद लाया गया। सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। अस्पताल परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। पुलिसकर्मियों ने पूरे इलाके पर नजर बनाए रखी, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। मिसिर बेसरा को माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं में शामिल माना जाता है। लंबे समय से वह झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों से जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों को संगठन की गतिविधियों और नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

