
नई दिल्ली : होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। ईरान की ओर से जहाजों को निशाना बनाए जाने के बीच एक खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें वाणिज्यिक जहाज के आसपास ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौकाएं दिखाई दे रही हैं। हमले के दौरान जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों को अपनी जान बचाने के लिए अंदर छिपना पड़ा।
जहाज को घेरती दिखीं ईरानी नौकाएं
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है। यहां बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल के हमलों तथा उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण इलाके में सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं।
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया की ओर से अप्रैल में जारी एक वीडियो में पनामा के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज को ईरानी IRGC की नौकाओं से घिरा हुआ दिखाया गया था। वीडियो में जहाज के आसपास भारी तनावपूर्ण स्थिति नजर आती है।
रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड के निशान का दावा
फुटेज में जहाज पर रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड दागे जाने के निशान दिखाई देने का दावा किया गया है। हमले के बीच भारतीय नाविक जहाज के अंदर छिपते नजर आए। बताया गया कि उनका मकसद किसी भी तरह अपनी जान बचाना था।
भारत के नौवहन मंत्रालय के अनुसार, संबंधित जहाज पर सवार सभी 21 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बच गए थे। हालांकि इस घटना ने होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हमलों में 15 नाविकों की मौत
जून में जारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया गया कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम 15 नाविकों की मौत हो चुकी है। इनमें कई भारतीय नाविकों के शामिल होने की बात कही गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व इसलिए भी बेहद ज्यादा है क्योंकि दुनिया के कच्चे तेल और एलएनजी के बड़े हिस्से का परिवहन इसी समुद्री मार्ग से होता है। यहां लंबे समय तक तनाव रहने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।
भारत ने भारतीय नाविकों की तैनाती पर लगाई रोक
क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं। एक भारतीय नागरिक की मौत के बाद सरकार ने ईरान के उप-राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
इसके बाद जहाजरानी महानिदेशालय ने जहाज मालिकों, शिप मैनेजरों और भर्ती कंपनियों को निर्देश दिया कि भारतीय नाविकों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर तैनात करने से बचें।
कप्तानों को भी सतर्क रहने का निर्देश
जहाजों के कप्तानों को फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा लगातार जारी नेविगेशनल चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है।
होर्मुज में बढ़ता तनाव अब सिर्फ ईरान और पश्चिमी देशों के बीच संघर्ष का मामला नहीं रह गया है। इसका असर भारत के समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और हजारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। सामने आया वीडियो इसी बढ़ते खतरे की गंभीर तस्वीर पेश करता है।