अप्रैल महीने में इस बार मौसम ने देशभर में अलग ही रंग दिखाया
तेज हवाएं, घने बादल और वायुदाब में लगातार बदलाव एक बड़े मौसमीय परिवर्तन का संकेत दे रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या समुद्र से आने वाली नमी और उत्तर-पश्चिमी सिस्टम मिलकर किसी बड़े तूफान का रूप ले सकते हैं। हालांकि मौसम विभाग (IMD) ने स्पष्ट किया है कि यह सीधे तौर पर कोई चक्रवाती तूफान नहीं है, लेकिन कई मौसमीय सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जिससे स्थिति अस्थिर बनी हुई है।
आंधी-बारिश का अलर्ट जारी
पश्चिमी विक्षोभ और समुद्री नमी के कारण देश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश(Weather Update) का दौर जारी है। इससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाओं से नुकसान का खतरा भी बढ़ गया है। खासकर किसानों के लिए यह समय चिंता भरा है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसलें इस बदले मौसम से प्रभावित हो रही हैं।
मौसम विभाग ने 13 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिन सामान्य नहीं रहेंगे। 11 अप्रैल के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जो मौजूदा सिस्टम के साथ मिलकर मौसम को और ज्यादा प्रभावी बना सकता है। अगले 3 से 4 दिन इसलिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
दिल्ली में आज कैसाल रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR में हाल की बारिश से तापमान में गिरावट और वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है, लेकिन यह राहत अस्थायी है। 10 और 11 अप्रैल को फिर से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 30 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम(Weather Update) पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा और अचानक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। अलीगढ़, आगरा और मथुरा जैसे इलाकों में तेज हवाएं 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हैं। बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
*अन्य राज्यों में होगी बारिश*
झारखंड और बिहार में अगले 72 घंटे अहम माने जा रहे हैं।जमशेदपुर, रांची,धनबाद, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना है। इसी तरह राजस्थान के कोटा, जयपुर, बीकानेर और उदयपुर में भी आंधी-बारिश(Weather Update) का दौर जारी है, हालांकि 9 अप्रैल के बाद मौसम साफ होने के आसार हैं।
मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के असर से भोपाल, ग्वालियर और रीवा जैसे क्षेत्रों में मौसम अस्थिर बना हुआ है। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
दक्षिण बारत में तेज हवाओं का अलर्ट
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का असर जारी है। तटीय इलाकों में समुद्र उफान पर है, इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय है। असम, मेघालय, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश, तेज हवाएं और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।