Spread the love

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में बढ़ते मलेरिया संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। डीसी राजीव रंजन ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि जिले के संवेदनशील इलाकों में युद्धस्तर पर सर्विलांस, मलेरिया जांच, त्वरित उपचार, इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (आईआरएस) और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य हर संदिग्ध मरीज की 24 घंटे के भीतर जांच और इलाज सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक जिले में मलेरिया से छह लोगों की मौत हुई है। इनमें चार की मौत सेरेब्रल मलेरिया और दो की मौत मिश्रित संक्रमण के कारण हुई। सभी मौतों की चिकित्सकीय समीक्षा कराई जा रही है ताकि उपचार व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके। डीसी ने लोगों से अपील की कि बुखार को कभी सामान्य न समझें। समय पर जांच और इलाज से मलेरिया की गंभीर स्थिति और मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, स्वास्थ्य विभाग की आईआरएस एवं सर्वे टीमों का सहयोग करने तथा बुखार होने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया जांच कराने की अपील भी की।

वहीं, प्रेस वार्ता में सिविल सर्जन ने बताया कि 29 जून से 12 जुलाई 2026 के बीच जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में 1,04,459 लोगों की मलेरिया जांच की गई। इनमें 96,478 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट और 7,981 स्लाइड जांच शामिल हैं। जांच के दौरान 1,895 मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनमें 1,491 पी. फाल्सीपेरम (PF), 353 पी. विवैक्स (PV) और 51 मिश्रित संक्रमण के मामले शामिल हैं। जिले की कुल पॉजिटिविटी दर 1.96 प्रतिशत दर्ज की गई। सर्वाधिक जांच पोटका सीएचसी में 24,657 लोगों की हुई। इसके अलावा मुसाबनी में 15,150, घाटशिला में 12,121 और डुमरिया में 11,060 लोगों की जांच की गई। सबसे अधिक संक्रमित मरीज पोटका (667), डुमरिया (427), मुसाबनी (344) और घाटशिला (212) में मिले हैं। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी, फोकस्ड सर्विलांस, आईआरएस और त्वरित उपचार अभियान चलाया जा रहा है।

error: Content is protected !!
Exit mobile version